द्वादशज्योतिर्लिंग स्तोत्र

द्वादश ज्योतिर्लिंग

शिवजी का द्वादशज्योतिर्लिंग स्तोत्र में सभी मुख्य 12 ज्योतिर्लिंगों का सार दर्शाया गया है | रोज इस स्त्रोत का पाठ करने से भक्त के जीवन पर शिव की अशीम कृपा बनी रहती है और वह अपने जीवन के अंत में शिवपद को प्राप्त करता है | हर ज्योतिर्लिंग में शिवजी का साक्षात् वास है | शिव भक्तो के चमत्कारी यह […]

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काशी विश्वनाथ मंदिर

Kashi Vishwanath Temple Jyotirling

काशी विश्वनाथ मंदिर जिसे विश्वेश्वर महादेव मंदिर भी कहा जाता है , बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर प्राचीनकाल से बनारस (वाराणसी) में स्तिथ है। काशी को मोक्षधाम भी खाते है , जीवन की मुक्ति इसी मुक्तिदायिनी नगरी से होती है | कहते है की यह नगरी शिवजी के त्रिशूल पर विराजमान है | यह धाम हिन्दू धर्म […]

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त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग नासिक

त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग नासिक

त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग मन्दिर महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में हैं | यह मंदिर निकटवर्ती ब्रह्मगिरि नामक पर्वत के पास ही है , जो की दक्षिण गंगा गोदावरी नदी का उद्गम है। इस मंदिर का मुख्य रिश्ता गौतम ऋषि से और उनके द्वारा लाइ गयी गोदावरी से है | मंदिर के अन्दर योनी भाग में तीन लिंग जो ब्रह्मा, विष्णु और […]

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नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात में द्वारका से १७ मील की दुरी पर ही है | सोमनाथ अन्य ज्योतिर्लिंग गुजरात में ही है | नागेश्वर अर्थात नागों का ईश्वर भगवान् शिवजी है | रुद्र संहिता में इन्हे दारुकावने नागेशं से भी पुकारा गया है| अन्य ज्योतिर्लिंगो की भाति ही इनकी महिमा के बारे में जानना और दर्शन करना शिवपद प्राप्ति के समान […]

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मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग

ज्योतिर्लिंगों में मल्लिकार्जुन का दुसरे स्थान पर है , मल्लिका माँ पार्वती और अर्जुन अर्थात शिव | अत: यह धाम शिव शक्ति का पावन स्थान है |   यह आन्ध्र प्रदेश के कृष्णा ज़िले में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल पर्वत पर श्रीमल्लिकार्जुन विराजमान हैं। हैदराबाद से लगभग 200 किलोमीटर दूर इस स्थान को दक्षिण का कैलाश कहते हैं। । […]

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केदारनाथ ज्योतिर्लिंग

केदारनाथ शिवजी ज्योतिर्लिंग

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग मन्दिर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के रूद्रप्रयाग जिले केदार नमक चोटी पर स्तिथ है। हिन्दुओ के चार धाम में बद्रीनाथ के पास केदारनाथ को मुख्य स्थान प्राप्त है | प्रतिकूल जलवायु के कारण ही यह मंदिर अप्रैल से नवंबर महीने तक ही खुला रहता है | कहा जाता है की इस मंदिर का निर्माण महाभारत काल में पत्‍थरों […]

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घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग

घुश्मेश्वर अंतिम ज्योतिर्लिंग शिवजी

शिव शक्तिपूंजो में घुश्मेश्वर अंतिम ज्योतिर्लिंग है जो महाराष्ट्र राज्य में दौलताबाद के पास वेरुलगाँव पर स्थित है। यह शिवलिंग घुश्मा की शिव भक्ति का परिचायक है और उसकी के नाम पर इसे घुश्मेश्वर विख्यात है | शास्त्रों में बताया गया है की इसके दर्शन मात्र से संतान सुख और संतान की आयु में बढ़ोतरी होती है | इस ज्योतिर्लिंग […]

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वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग

वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक महा सिद्ध ज्‍योतिर्लिंग है जो अति रामायण के समय से है | यह ज्योतिर्लिंग भारतवर्ष के झारखंड में देवघर नामक स्‍थान पर स्थित है। देवघर का अर्थ होता है देवताओ का घर | इस शिव धाम वैद्यनाथ धाम और देवघर धाम के नाम से भी जाना जाता है | यह एक सिद्ध पीठ है […]

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रामेश्वर ज्योतिर्लिंग

इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना रामायण काल में खुद स्वं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान्‌ श्रीरामंद्रजी ने की थी। राम के नाम से ही इसे रामेश्वर ज्योतिर्लिंग कहा जाता है | इसके दर्शन से शिव पार्वती के साथ साथ भगवन विष्णु लक्ष्मी का विशेष आशीष प्राप्त होता है |   स्कंदपुराण में इसकी महिमा विस्तार से वर्णित है। इसके विषय में यह कथा […]

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शिव ज्योतिर्लिंग भीमाशंकर

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

यह ज्योतिर्लिंग पुणे से लगभग 100 किलोमिटर दूर सेह्याद्री की पहाड़ी पर स्थित है। इसे भीमाशंकर भी कहते हैं। शिवपुराण में यह इससे जुडी कथा के अनुसार – प्राचीनकाल में भीम नामक एक महाप्रतापी राक्षस था। वह कामरूप प्रदेश में अपनी माँ के साथ रहता था। वह महाबली राक्षस, राक्षसराज रावण के छोटे भाई कुंभकर्ण का पुत्र था। लेकिन उसने […]

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