अघोरी बाबा और अघोर पंथ क्या है , जाने इनसे जुड़ी रहस्यमय बाते

Aghori Baba Aur Aghori Panth Kya Hota Hai : हिन्दू धर्म में साधना करने की एक शाखा का नाम अघोर पंथ है | इस पंथ के लोग अघोरी कहलाते है | अघोरी का अर्थ ‘उजाले की और ‘ या सरल होता है | हलाकि अघोरी दुसरे व्यक्तियों के लिए भय उत्पन्न कर सकते है पर सच्च तो यह है की यह समाज और धर्म के रक्षक माने जाते है | यह सबसे कठिन साधना करने वाले माने जाते है जिनका मोह माया पैसे में कोई लोभ नही रहता | इन लोगो के लिए सिर्फ गौ माँ के मांस के अलावा सभी चीजे खाने योग्य है | चाहे वो मल , मूत्र या नर मांस ही क्यों ना हो |

aghori baba koun hai

अघोर पंथ के  प्रवर्त्तक स्वयं भगवान शिव है जो श्मशान की भभूत को रमाने वाले हठ योगी है | यह कैलाश पर्वत की बर्फमय जगह अपनी उच्चतम साधना में लीन रहते है | इन्हे अघोरा भी कहा जाता है | अघोर पंथ शैव मत वाले है और शिव ही उनके लिए सबसे बड़ी सत्ता है |

पढ़े : क्यों भगवान शिव करते है भस्म से श्रंगार

अघोरी करते है तीन तरह की साधना

साधनाए
~अघोर पंथ के साधक मुख्य तीन तरह की साधनाए करते है | 1.शव साधना , 2. श्मशान साधना और 3.शिव साधना | ये साधना मुख्य जगहों पर ही होती है | अघोर पंथ के तांत्रिक पीठ स्थान में कामख्या , चक्रतीर्थ उज्जैन , माँ तारा पीठ आदि है |

कापालिक
~अघोरी अपने पास हमेशा एक नर कपाल रखते है , इसमे ही वे खाना पीना करते है | इसी कारण इन्हे कापालिक कहा जाता है |

वेश भूषा
~अघोरी नग्न या सिर्फ लंगोट में रहते है और रात में ज्यादा सक्रीय रहते है और अपनी साधनाए करते है | रात्रि में स्नान कर वे श्मशान की राख से अपना श्रंगार करके जलती चिताओ के बीच अपनी साधनाए करते है |

प्रिय जानवर
~ जानवरों में इन्हे कुत्ता बहुत प्रिय है और इसे बहुत से अघोरी पालते है | शिव के उग्र रूप भैरव की सवारी स्वान को बताया जाता है | यही कारण है कि अघोरियो के साथ कुत्ते जरुर रहते है |

aghori tantrik in shamshan

रहते है आम जनता से दूर
~अघोरी पंथ के बाबा लोग आम आदमियों से दूर किसी श्मशान के पास या हिमालय के घने जंगलो में निवास करते है | कुम्भ मेले में ये जरुर भाग लेने आते है | मान्यता है कि इनका जिन्हें आशीर्वाद मिल जाये उसके भाग्य बदल जाते है |

मांस मदिरा और चलम के शौकीन
अघोरी को मांस , मदिरा और गांजे की चलम पीने का शौक रहता है | शव का कच्चे मांस तक को यह खा जाते है | इनके लिए दुनिया में गौ माँ के अलावा सभी चीजे खाने योग्य है |


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