भैरव रक्षा कवच

भैरव रक्षा कवच

क्या महत्व है रक्षा कवच का :

Bhairav Raksha Stroth नाम से ही ज्ञान होता है की ऐसा कवच जो आपकी रक्षा (protection )करेगा | भैरव का यह कवच अति शक्तिशाली ( Powerful ) है नकारात्मक ऊर्जा से बचाव से |


भैरव रक्षा स्त्रोत

bhairav raksha strot

किसी भी साधना को जब साधक द्वारा किया जाता है तो गलत और नकारात्मक शक्तियाँ (Negative Energy ) उसमे विध्न डालती है अत: तब रक्षा कवच का सहारा लिया जाता है जो साधक और साधना स्थल को इन बुरी शक्तियों के विरूद्ध शक्ति प्रदान करता है | अत: हमारा विन्रम आग्रह (Humble Request ) है की साधक को पहले ही भैरव कवच आदि पाठ कर लेने चाहिए |


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भैरव रक्षा कवच

ॐ सहस्त्रारे महाचक्रे कर्पूरधवले गुरुः |
पातु मां बटुको देवो भैरवः सर्वकर्मसु ||

पूर्वस्यामसितांगो मां दिशि रक्षतु सर्वदा |
आग्नेयां च रुरुः पातु दक्षिणे चण्ड भैरवः ||

नैॠत्यां क्रोधनः पातु उन्मत्तः पातु पश्चिमे |
वायव्यां मां कपाली च नित्यं पायात् सुरेश्वरः ||

भीषणो भैरवः पातु उत्तरास्यां तु सर्वदा |
संहार भैरवः पायादीशान्यां च महेश्वरः ||

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ऊर्ध्वं पातु विधाता च पाताले नन्दको विभुः |
सद्योजातस्तु मां पायात् सर्वतो देवसेवितः ||

रामदेवो वनान्ते च वने घोरस्तथावतु |
जले तत्पुरुषः पातु स्थले ईशान एव च ||

डाकिनी पुत्रकः पातु पुत्रान् में सर्वतः प्रभुः |
हाकिनी पुत्रकः पातु दारास्तु लाकिनी सुतः ||

पातु शाकिनिका पुत्रः सैन्यं वै कालभैरवः |
मालिनी पुत्रकः पातु पशूनश्वान् गंजास्तथा ||

महाकालोऽवतु क्षेत्रं श्रियं मे सर्वतो गिरा |
वाद्यम् वाद्यप्रियः पातु भैरवो नित्यसम्पदा ||
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