इस मंदिर में भक्त चढाते है ताले

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भारत (India) ने एक मंदिर ऐसा भी जहा भक्त भगवान (God) को सोने (Gold) , चांदी और अन्य मूल्यवान धातुओ से बने ताले चढाते है | सुनने में यह अचरज भरा है जहा दूसरी तरफ मंदिरों में फल , मावा , इत्र , पुष्प , वस्त्र चढ़ाये जाते है वहा ताले चढ़ाना असामान्य सा लगता है |


मंदिर में ताले

कहाँ है यह मंदिर :

यह मंदिर उत्तर प्रदेश में लखनऊ से ८० किमी की दुरी पर  बंगाली मोहाल क्षेत्र के काली मंदिर (Goddess Kali Temple)

पर है | यहा के पुजारी के अनुसार पहले भक्त यहा लोहे के ताले का चढ़ावा चढाते थे पर अब देवी माँ दुर्गा की नवरात्री के दिनों में मूल्यवान धातुओ के महंगे महंगे ताले अर्पित किये जाते है | यह ताले मंदिर की विशालकाय  प्रतिमा के आगे एक रस्सी पर बांधे जाते है | माना जाता है की इस मंदिर का निर्माण 1949 के करीब किया गया था |

भक्तो द्वारा चढ़ाये गये ताले

क्यों चढ़ाये जाते है इस मंदिर में ताले :


मंदिर के पहले पुजारी ताराचंद जिन्होंने मंदिर का निर्माण करवाया था | एक बार निर्माण काल में उन्होंने देवी की इस मूरत को जंजीर और ताले से बंद कर दिया था | देवी नाराज हो गयी और उनका एक भक्त  किसी झूठे मुकदमे में फंस गये |

जब उन्होंने देवी माँ से यही बात कही की जब तक यह झूठा मुकदमा सुलझ नही जाता और वे बेगुनाह साबित नही हो जाते तब तक वो यह ताला नही खोलेंगे | ऐसा कई महीनो तक चला फिर जब मुकदमा उनके पक्ष में आया तब भक्त ने ताला खोला | और यह बात आग की तरह फ़ैल गयी की मुरादे पूरी ताला लगाने से होगी |

बस फिर भक्त ताले ला लाकर माँ से अपनी मनोकामना बताने की परम्परा शुरू हो गयी |

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