धार्मिक नगरी द्वारका धाम में दर्शनीय मंदिर

द्वारका धाम कृष्ण

भगवान कृष्ण ने गहरा सम्बन्ध है द्वारका धाम का

द्वारका धाम भारत के चार धामों में और सप्तपुरी धार्मिक नगरो में  से एक है | इसी महिमा के कारण इसे सबसे पवित्र शहरो में गिना जाता है | यह गुजरात के अरब सागर के तट पर जामनगर में  पड़ता है | भगवान श्री कृष्ण मथुरा को छोड़कर फिर यही बस गये |


द्वारका धाम महिमा

द्वारका धाम महिमा



भौगोलिक उथल पथल के कारण अभी तक छह बार से ज्यादा बार यह धरती जलविलीन हो चुकी है अब तो द्वारका धाम बासा है वो नया है | वैष्णव भक्तो के लिए यह आस्था और श्रद्दा का अनुपम केंद्र है | कृष्णा भगवान द्वारकाधीश और भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक नागेश्वर ज्योतिर्लिंग यही द्वारका धाम के पास  स्तिथ  है |

द्वारका धाम में धार्मिक दर्शनीय स्थल और मंदिर

द्वारका मंदिरों की नगरी है यहा ठाकुर जी से जुड़े बहुत सारे मंदिर है | इसके अलावा पवित्र जल के बहुत सारे कुंड भी है |

द्वारकाधीश मंदिर :

भगवान श्री कृष्ण का यह भव्य मंदिर जगत मंदिर के नाम से भक्तो में जाना जाता है | इसका निर्माण श्री कृष्ण के पोते वज्रनाभ द्वारा किया गया है | यह मंदिर मुलायम चुने से बना हुआ है | भक्त जिस द्वार से मंदिर में प्रवेश करते है उसे स्वर्ग द्वार को बाहर निकलने के द्वार को मोक्ष द्वारा का नाम दिया गया है | मंदिर के शिखर पर ऊँची ध्वजा कई किलोमीटर से देखी जा सकती है | इस ध्वजा पर सूर्य चंद्रमा के छापे बने हुए है | कहते है इस मंदिर के शिखर पर लगी ध्वजा को एक दिन में पाँच बार बदला जाता है | पास में गोमती नदी के दर्शन होते है जहा आस पास में बहुत सारे देवी देवताओ के मंदिर है |

रुक्मणि मंदिर:

यह मंदिर भगवान श्री कृष्णा की पत्नी रुक्मणि जी का है जो मुख्य द्वारका से 3 किमी बाहर की तरफ बना हुआ है | द्वारकाधीश दर्शन के बाद काले सलेटिया रंग के इस मंदिर दर्शन का जरुर करना चाहिए |

रणछोड़ जी मंदिर :

द्वारका के भव्य मंदिरों में से एक है रणछोड़ जी मंदिर जो भगवान श्री कृष्णा का ही है  | यहा काले रंग की अति सुन्दर प्रतिमा आभूषणों से सुसुज्जित है | हीरे मोती इस मूर्ति में चार चाँद लगाते है | सोने के मुकुट पहने यह चारभुजा धारी प्रतिमा चांदी के सिंगाशन पर विराजित है | यह मंदिर एक सौ चालीस फीट ऊँचा जिसमे सात मंजिले है | निष्पाप कुंड में स्नान के बाद यहा दर्शन करने भक्त आते है |

शंख तालाब : रणछोड़ जी मंदिर से ३ किमी की दुरो पर शंख तालाब | यहा कृष्णा भगवान शंख नारायण कहलाते है | इस तालाब में नहाकर शंख नारायण के दर्शन करने का अत्यंत महत्व है |
शारदा मठ :
आदि गुरू शंकराचार्य जी ने भारत में सनातन धर्म के उत्थान के लिए चार मठ बनाये जिसमे से एक मठ द्वारका में है | मठ यहा हिन्दूओ के प्रसिद्ध चार धाम के लिए आया है | सभी साधू संतो के यह परम गुरु और आराध्य है |

मुख्य शहरो से सड़क द्वारा द्वारका धाम से दुरी :

जामनगर : 148 km
अहमदाबाद : 450 km
राजकोट से : 217 km
पोरबंदर : 70 km

नजदीकी हवाई अड्डा :
पोरबंदर और जामनगर
नजदीकी रेलवे स्टेशन :
पोरबंदर , राजकोट , जामनगर
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