सिद्धासन

यह आसन साधू संतो द्वारा सिद्ध माना जाता है और बैठने के सभी मुख्य आसनों में सबसे उच्च स्थान रखता है | यह आसन सभी 72 हजार नाड़ियों को शुद्धिकरण करने की क्षमता रखता है | यही कारण है की सभी आसनों में यह सर्वश्रेष्ठ माना जाता है |

सिद्धासन विधि सिद्धासन में बैठने की विधि

  1. सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछा कर पैरो को सीधा करके बैठ जाये |
  2. अब बांये पैर को मोड़े और पैर की एड़ी को गुदा मुख और यौन अंगो के मध्य  रखे |
  3. अब दांये पैर को मोड़े और इसकी एड़ी को यौन अंगो के ऊपर रखे |
  4. हाथो को ज्ञानमुद्रा के रूप में पैरो पर रखे |
  5. कुछ देर इसी तरह रहने दे , साँसे सामान्य रखे
  6. अब पैरो का क्रम बदलकर पुनः यही करे |

सिद्धासन से होने वाले फायदे

  • इस आसन से शरीर की समस्त नाड़ियों का शुद्धिकरण होता है।
  • स्मरण शक्ति ओर तेज होती है
  • मन की एकाग्र शक्ति बढती है |
  • जठराग्नि तेज होता है जिसका पाचन शक्ति बढती है ।
  • कुण्डलिनी शक्ति जाग्रति में यह सहायक है |
  • अनेक रोगों में यह सिद्धासन लाभकारी साबित  होता है।


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