शवासन कैसे करे

शवासन का अर्थ ही है एक शव की तरह होने वाला आसन | शरीर के किसी भी अंग में कोई गति नही | इस आसन में बस साँसे चलनी चाहिए और शरीर निर्जीव जमीन पर लेटा हुआ होना चाहिए | यह आसन सभी आसनों में सबसे सरल है|

शवासन योगा

शवासन की सही विधि

  1. शवासन करने के लिए सबसे पहले एक चटाई जमीन पर बिछा ले और उसपे पीठ के बल लेट जाये |
  2. दोनों हाथो को शरीर के बगल में ऐसे रखे की आपकी दोनों हथेलियाँ उपर की तरफ खुली हो |
  3. दोनों पैरो के बीच में एक फीट का अंतर हो तो बेहतर है |
  4. शरीर को पूर्ण रूप से तनाव मुक्त कर ले |
  5. आँखे बंद कर ले और शरीर को ढीला छोड़ दे |
  6. अब श्वास प्रश्वास की गति सहज होने दे और अपना ध्यान सिर्फ अपनी साँसों पर लगाये |
  7. श्वसन में अपना दवाब नही लगाये उसे स्वयं होने दे |
  8. यह आसन अपनी साँसों की स्वाभाविक और लयपूर्ण विधि का ही आसन है |
  9. यह आप 10 से 15 मिनिट तक कर सकते है |

 

शवासन के लाभ:

  1. शरीर की थकावट शवासन से दूर होती है |
  2. यह दिमाग की एकाग्रशक्ति  को बढ़ाने में सहायक है |
  3. आपकी मानसिक और शारीरिक रूप से स्वयं को बूस्ट पाते है |
  4. यह तनाव , डिप्रेशन और चिंता को दूर करता है जो की बहुत सी बीमारियों की जड़ है |
  5. यह आत्मविश्वास को बढाता है |
  6. उच्च रक्तचाप को यह नियंत्रित करता है |
  7. यदि आप अनिद्रा या घबराहट जैसे रोगों से घिरे हो तो यह उनसे मुक्ति दिलाता है |
  8. गंभीर रोगों जैसे उच्च रक्तचाप, शुगर , मनोविकार, अवसाद, दिल की बीमारी , सिर दर्द  आदि में आराम दिलाता है |

शवासन में ध्यान रखने योग्य सावधानियां :

  1. जिन्हें कमर में दर्द हो वो यह आसन ना करे |
  2. यह दिमाग की एकाग्रशक्ति  को बढ़ाने में सहायक है |
  3. इसमे शरीर को हिलाए नही , बस साँसे आती जाती रहे |

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