शिवजी को श्राप मिला इसलिए कटा गणेश का सिर

गणेश पुराण में बताया गया है की विध्नो को दूर करने वाले भगवान श्री गणेश का सिर एक श्राप के कारण अलग हुआ था |

आइये जानते है इसके पीछे की पौराणिक कथा :

एक बार भगवान शिव शंकर ने अपने क्रोध में आकर सूर्य को अपने त्रिशूल से मार गिराया | इस कारण इस समस्त संसार में अंधकार छा गया | महर्षी कश्यप सूर्य को अपनी गोद में लेकर विलाप करने लग गये | उन्होंने शिवजी को श्राप तक दे दिया की जिस तरह वो आज अपने प्रिय के शरीर पर विलाप कर रहे है उसी तरह आप भी एक दिन यह दिन देखेंगे | श्राप पाकर शिवजी को ओर भी अधिक क्रोध आ गया पर तभी ब्रह्माजी प्रकट हो गये और शिवजी स्तुति करके उन्हें शांत करने लगे | ब्रह्माजी विनती की की हे आशुतोष भगवान आप तो साक्षात् करुणा के सागर है अत: आप पुनः सूर्य को जीवन दान देकर इस समस्त संसार का अंधकार दूर कर दे |

भोलेबाबा ब्रह्माजी की स्तुति से प्रसन्न होकर भगवान सूर्य को पुनः जीवन दान दे देते है | यह देखकर सूर्य के पिता कश्यप जी अति प्रसन्न होते है पर उनका दिया गया श्राप वे वापिस लेने में असमर्थ होते है |

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One comment

  • atul kumar shukla

    katha hamey bahut achhi lagi. may bhi kuch khabar likhna chahta hu plz apna email hamko jarur bataye.thanks.

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