वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का नक्शा

वास्तु के अनुसार कैसा हो घर

आप माने या ना माने पर हकीकत यही है की हमारे घर , रसोई , ऑफिस और व्यापार करने वाली जगह पर वास्तु शास्त्र और उसकी बातो का अत्यधिक महत्व है | यदि इन वास्तु टिप्स का ध्यान रखा जाये तो जीवन में आने वाली कठिनाईयाँ दूर हो जाती है , भाग्य उदय होता है |

वास्तु शास्त्र से आती है सकारात्मक उर्जा :

वास्तु शास्त्र (Vastu shastra )की टिप्स से घर में सकारात्मक उर्जा (positive engry) आती है जिससे समृधि , सुख , शांति और सम्पन्नता के द्वार खुल जाते है | घर में रहने वाले व्यक्तियों में एक अलग ही पॉजिटिव उर्जा आ जाती है और वे कार्य अच्छे तरीके से पूर्ण कर लेते है |

पढ़े : वास्तु शास्त्र के मुख्य आलेख

क्या है वास्तु शास्त्र और घर के लिए क्या नियम है इसके ?

दिशाओ का सही ज्ञान और उन दिशाओ में क्या निर्माण हो , कौनसी चीजे रखी जानी चाहिए | यही बाते जिस शास्त्र के अंतर्गत आती है वही है भारतीय वास्तु शास्त्र | वास्तु शास्त्र के नियमो को पालन करने से घर में और घर के सदस्यों में सकारात्मक उर्जा में बढोती होती है और सफलता और समृधि के नए आयाम खुल जाते है |

कही आपका घर पर वास्तु दोष में तो नही आता ?

एक अच्छे घर के लिए वास्तु टिप्स :

1)घर का मुख्य द्वार : घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा ( south facing ) की तरफ नही खुलना चाहिए | यदि ऐसा है तो यह संकट का द्वार है | इसके विपरीत यदि घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा में है तो यह समृधि का द्वार माना जाता है |

2) अवरोधक : घर के मुख्य द्वार पर बिजली का खम्बा , पेड़ नही होना चाहिए | यदि यह द्वार के साइड में हो तो कोई बात नही |

3) T पर घर  : घर का मुख्य द्वार T पर होना भी अत्यंत कष्टकारी माना जाता है |

घर के लिए वास्तु शास्त्र नक्शा


4) देवताओ की दिशा : घर के निर्माण में वायु , जल और अग्नि देवता (water and air god) का ध्यान रखना जरुरी है | अग्नि देवता वाले स्थान पर जल रखना और जल देवता के स्थान पर अग्नि रखना अत्यंत गलत और अमंगलकारी है |

5) रसोई की जगह : अग्नि देव का स्थान अग्नि कोन (आग्नेय ) (दक्षिण पूर्वी ) दिशा में माना जाता है अत: इस स्थान पर रसोई ( kitchen ) ही बनानी चाहिए | पढ़े रसोई से जुडी वास्तु शास्त्र की टिप्स

6) पानी के टैंक का स्थान : जल देवता का स्थान ईशान कोन (उत्तर पूर्वी ) को माना जाता है अत: पानी का टैंक आप इस जगह वास्तु के नियम के अनुसार  बनाये |

7) पूजा घर का स्थान : टैंक (water tank )के ऊपर ही पूजा घर (worship room) भी ईशान दिशा में होना शुभकर माना गया है |

पढ़े : वास्तु शास्त्र के हिसाब से कैसा हो  पूजा घर 

 

वास्तुशास्त्र से अपने व्यापार को और भी अधिक बढ़ाये – दुकान के लिए वास्तु टिप्स

8) रंगों का प्रयोग : वास्तु शास्त्र में बताया गया है की आप अपने घरो में सुख शांति के लिए हल्के रंगों का ही प्रयोग करे | ये हल्के रंग सत्व गुण का प्रतिनिदित्व करते है | भड़कीले रंगों से घर के सदस्यों के स्वभाव अच्छे नही रहते |

9) पडोसी के मकान के कोने :  यदि आपके पडोसी के मकान इस तरह बने हुए है की उनकी बनावट में घर के कोने आपके मकान को चुभते हुए प्रतीत होते है तो यह शुभ नही है |

10) तिराहा और चौराहा : घर के सामने तिराहा और चौराहा नही होना चाहिए | इन जगहों पर नकारात्मक उर्जा अत्यंत होती है और वे आपके घर को प्रभावित कर सकती है | कब्रिस्थान और श्मशान भी पास ना हो |

11) शौचालय की जगह : नैऋत्य कोण में आप  शौचालय बनवाए |

12) अटाला ना रहने दे : घर के किसी भी कोने में अटाला संचित करके ना रखे यह नकारात्मक उर्जा को आकर्षित करता है |

13) ध्वजा लगाये : घर के ऊपर छत पर ईशान कोन पर केशरिया या लाल रंग की धवजा लहरा के रखे | यह ध्वजा अच्छाई का प्रतीक और बुराई को दूर करने वाली है |

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