क्यों पहननी चाहिए कछुए की अंगूठी

चीन की फेंगशुई में कछुए को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। फेंगशुई के अनुसार घर में कछुए की आकृति की शोपीस को रखने से घर में खुशहाली आती है। कछुए की अंगूठी  गुड लक का भी प्रतीक माना जाता है।


भारतीय धर्म ग्रंथो में भी कछुए को भगवान विष्णु का प्रतीक कहा जाता है।  जीव जन्तुओ में यह  शांति, धैर्य, निरंतरता जैसे सद्गुणों का प्रतीक है  इसलिए ऐसे ही गुणों की प्राप्ति के  लिए कछुए की अंगूठी भी पहनी जाती है। कछुआ दीर्घ आयु वाला जीव है , इसलिए यह भी मान्यता है की इसे धारण करने वाला व्यक्ति भी स्वस्थ रहता है और अधिक उम्र तक जीता है |पढ़े : वास्तु शास्त्र के मुख्य आलेख

कछुए की अंगूठी से जुड़े मुख्य नियम

१) कछुए की अंगूठी (Tortoise Ring )  में सबसे प्रभावी अष्ट धातु वाली होती है आप  फिर चांदी या सोने की अंगूठी भी ले सकते है  |
कछुए की अंगूठी

२) इस अंगूठी को शुक्रवार के दिन खरीद खरीदे | फिर संध्या को माँ लक्ष्मी जी की मूर्ति के सामने इसे रखे | माँ की पूजा अर्चना करके इसे पवित्र पानी से स्नान कराके धारण करे | फिर माँ लक्ष्मी से विनती करे की आपके भाग्य का सभी रुका हुआ धन आपके पास आ जाये |

३) अंगूठी पहनते समय ध्यान रखे की कछुए का मुंह वाला भाग आपकी तरफ हो |

४) इस अंगूठी को आप इंडेक्स फिंगर (Index Finger) मध्यमा  में पहने तो बहुत अच्छा होगा |

५) जब भी यह रिंग दूषित हो जाये तो इसे साफ़ पानी से धो ले और फिर से धारण करे |

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