तीर्थराज प्रयाग की महिमा और दर्शनीय स्थल

उत्तरप्रदेश के प्राचीनतम तीर्थो में प्रयाग का नाम सबसे ऊपर आता है | यह आधुनिक समय में इलाहाबाद के नाम से जाना जाता है | हमारे प्राचीनतम ग्रंथो में इस धार्मिक शहर के महत्व और महिमा का वर्णन किया गया है | इसे साधू संतो ने तीर्थो के राजा ‘ तीर्थ राज ‘ की संज्ञा दी है |

prayaag sangam

प्रयाग की महिमा

  • इस पवित्र स्थान पर सबसे पहले भगवान ब्रह्मा जी ने पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए हवन किया था | तभी से इसका नाम प्रयाग पड़ गया |
  • तीन महान और दैविक नदियों गंगा यमुना और सरस्वती के कारण यह नगरी अति पवित्र हो गयी है |
  • यह यज्ञों और अनुष्ठानों का नगर है। यहा महाकुम्भ मेला त्रिवेणी के संगम पर बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है |
  • यहा के पातालपुरी मंदिर में एक अमर और अक्षय वृक्ष है |
  • कुम्भ के अलावा मकर संक्रांति और गंगा दशहरा पर तीर्थ स्नान का अधिक महत्व है |
  • त्रिवेणी संगम के स्नान से मन और शरीर पवित्र होता है और पापो से मुक्ति प्राप्त होती है |
  • पुराण कहते है की प्रयाग में साढ़े तीन करोड़ तीर्थस्थल हैं |
  • यह नगरी वाल्मीकि के शिष्य ऋषि भारद्वाज की जन्मस्थली है |

त्रिवेणी संगम

यहा भारत की तीन महान धार्मिक नदियाँ गंगा , यमुना और सरस्वती का संगम होता है जिसे त्रिवेणी संगम के नाम से जाना जाता है | यहा के स्नान को सबसे पवित्र स्नान की मान्यता प्राप्त है | कहा जाता है की इस संगम के पास किसी की मृत्यु हो जाती है तो जन्म मरण के बंधन से मुक्त हो मोक्ष को प्राप्त करता है |

प्रयाग में दर्शनीय स्थल और मंदिर

यहा बहुत सारे दर्शनीय मंदिर है जिनके दर्शन तीर्थ स्नान करके करने चाहिए |

  1. नाग वासुकी मंदिर : यह मंदिर संगम के उत्तरी तट पर गंगा किनारे है | वासुकी को नागराज की संज्ञा दी गयी है | यह परम शिव भक्त थे और भगवान शंकर के गले पर लिपटे रहते है  | यहा नाग पंचमी के दिन बड़ी धूम धाम से उत्सव मनाया जाता है | नाग वासुकी मंदिर में दर्शन से काल सर्प दोष दूर होता है |
  2. अलोपी देवी मंदिर : यह एक शक्तिपीठ है जहा माँ सती के रूप में एक लाल कपडे की पूजा अर्चना की जाती है | अलोपी देवी मंदिर में देवी की कोई प्रतिमा नही है |
  3. तक्षकेश्वर नाथ मंदिर : यह मंदिर भी नाग देवता तक्षक का है | मान्यता है की कृष्ण ने जब तक्षक सर्प का पीछा किया तो उसने इसी जगह आश्रय लिया था |
  4. अन्य मंदिर : इलाहबाद में दुसरे अन्य मंदिरो में भारद्वाज आश्रम , मनकामेश्वर मंदिर , ललिता मंदिर , पड़ला महादेव आदि मंदिर है |


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