भारत की पवित्र धार्मिक नदियाँ

भारत की पवित्र धार्मिक नदियाँ जिन्हें देवी माँ भी कहा जाता है

Holy Rivers Of India
भारत की पवित्र धार्मिक नदियाँ जिन्हें माँ का दर्जा प्राप्त है | पुराणों में इन्हे लेकर कथाये बताई गयी है | इनकी महिमा और महत्व के बारे में यह पोस्ट जरुर पढ़े | इन सभी नदियों का जल पवित्र होता है जिसमे स्नान से पाप नष्ट होते है और असीम शांति की प्राप्ति होती है | इन नदियों के किनारे पर कई प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है | आइये जानते है वे धार्मिक और महा नदियों के बारे में जो आस्था का केंद्र है |


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पढ़े : पूजा आराधना और मंत्र ज्ञान पोस्ट

गंगा :


यह भारत की सबसे पवित्र धार्मिक नदियों में सबसे ऊपर है | यह जहा जहा बहती है वो जगह मोक्षदायिनी स्थली बन जाती है | गंगोत्री धाम गौमुख से निकलकर यह सागर से गंगा सागर तीर्थ स्थल पर मिलती है |  यह भागीरथ की घोर तपस्या के कारण विष्णु लोक से पृथ्वी पर आई है | इसे उत्तराखंड उत्तर के चार धाम में गिना जाता है |  एक डुबकी लगाने से अनेक जन्मों के पाप क्षय हो जाते हैं। हिन्दू धर्म में मरने के बाद गंगा में अस्थि विसर्जन का कर्म किया जाता है | गंगा जल चमत्कारी शक्तियों  से भरा हुआ है क्योकि कभी भी यह नदी मैली नही होती |

यमुना :


यमुना सूर्य भगवान की पुत्री और मृत्यु के देवता यमराज की बहिन है | उत्तराखंड में यमुनोत्री से यह निकलती है , वही यमुना मंदिर भी है |

सरस्वती :

सरस्वती एक पौराणिक नदी जिसकी चर्चा वेदों में भी है। प्रयाग त्रिवेणी संगम पर जो तीन नदियों का मिलन होता है उसमे गंगा यमुना और सरस्वती है | हालाकि यहा इलाहाबाद में यह त्रिवेणी संगम में दिखाई नही देती , पर अभी भी लोगो का मानना है की यह अद्रश्य रूप में बहती है |

पढ़े पौराणिक कथा गंगा लक्ष्मी और सरस्वती का लड़ना और श्राप

नर्मदा :

यह नदी भगवान शिव के पसीने से उत्पन्न हुई है | फिर  राजा-हिरण्यतेजा ने चौदह हजार दिव्य वर्षों की घोर तपस्या कर शिव से इसे धरती पर आने का वरदान माँगा था |  इस नदी के एक तरह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक ओम्कारेश्वर और दूसरी तरफ ममलेश्वर है | नर्मदा के पत्थर से बने शिवलिंग अत्यंत प्रसिद्ध है | पढ़े : नर्मदा नदी के जन्म की कथा

गोदावरी :

यह नासिक में बहने वाली नदी है | इसका उद्गम नासिक से पहले आना वाला चक्रतीर्थ नामक कुण्ड है | मान्यता है की इस नदी को गौतम ऋषि की कठोर साधना ले कर आई थी | इस नदी के पवित्र जल में कुम्भ स्नान का मेला भी भरता है | 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग भी गोदावरी के तट पर है। इस नदी में दुबकी से पाप दूर होते है |

शिप्रा :

यह महाकाल की नगरी उज्जैन की पवित्र नदी है | पुराणों में बताया गया है यह भगवान विष्णु के खून से उत्पन्न हुई है | यह तेज बहने वाली नदी है | इस नदी के तट पर उज्जैन में कुम्भ के मेले का आयोजन किया जाता है | इस नदी के तट पर काल भैरव मंदिर , और कई घाट बने हुए है |

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