शिव स्थली कैलाश पर्वत की महिमा

कैलाश मानसरोवर में ॐ पर्वत

शिव भक्तो के लिए इस धरती पर यदि कोई स्वर्ग है तो वो है कैलाश मानसरोवर |  कैलाश जहा तिब्बत पर एक पर्वत है वही मानसरोवर एक झील | यह यात्रा बहुत कठिन है पर इस यात्रा में रोमांच अपने चरम पर है | इस यात्रा के हर कदम पर श्रद्धा और भक्ति बढती जाती है |

हर पग पर आँखे अपने भोलेबाबा के दर्शन के लिए व्याकुल होती है | बर्फ से ढके पर्वत और सुहाना सा मौसम थकान को आने ही नही देता |

सूर्य की किरणे और कैलाश पर्वत :

यह भगवान शिव का चमत्कार ही है की जब सूर्य की किरणे कैलाश पर पड़ती है तब यह सुनहरे रंग का हो जाता है | इसके साथ ही बर्फ में कुछ ऐसे चमत्कार होते है की स्वतः ही बिल्कुल साफ़ दिखाई देना वाला ॐ बन जाता है | यह दर्शन करना सौभाग्यशाली है |

कैलाश मानसरोवर की महिमा :

शास्त्रों में वर्णित है की यह पावन धरा कैलाश मानसरोवर पर भगवान शिव और उनकी प्रिय पार्वती जी का निवास है | इस जगह को धरती का मुकुट भी कहा जाता है | यह जगह इतनी शांत और रमणीय है की देवी देवता योगी महात्मा साधू संत दानव यहा घोर तपस्या किया करते थे |

मानसरोवर शब्द का अर्थ है मानस का सरोवर | यहा की मानसरोवर झील का जो व्यक्ति पानी पी ले वो मरने के बाद शिव कृपा पाकर स्वर्ग को प्राप्त होता है | ऐसी भी मान्यता है की यहा सती का हाथ गिरा था और एक शक्तिपीठ की स्थापना हुई |

भक्तो का यह भी मानना है की ब्रह्ममुहुर्त में इस झील में देवता स्नान करने आज भी आते है | एक किंवदंती  और भी इस झील से जुडी है दुनिया में  नीलकमल केवल मानसरोवर की इस झील में  दिखता है।

सनातन धर्म में इसका उल्लेख :

पौराणिक अनुश्रुतिया बताती है की इस जगह स्वयं शिव शंकर , बहर्माजी , रावण , भस्मासुर आदि ने तप कर दिव्य शक्तियाँ प्राप्त की | आदि शंकराचार्य ने यही आस पास अपना शरीर त्यागा  | जैन  प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव ने यहीं निर्वाण प्राप्त की |

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