अयोध्या धाम – रामजन्मभूमि

अयोध्या नगरी

अयोध्या का नाम सुनते ही रामजन्म भूमि मन में छा जाता है | वेदों में इसे ईश्वर का धाम बताया गया है | इसकी स्थापना मनु द्वारा की गयी है | अयोध्या उत्तर प्रदेश का अति प्राचीन धार्मिक नगर है जो फैजाबाद जिले में आता है | इसे भारत के सप्तपुरी सात धार्मिक नगरो में शामिल किया गया है | यह सरयू नदी के तट पर बसा नगर है | सूर्यवंशी राजाओ ने यहा राज किया है | प्राचीन काल में यह वैभव की नगरी हुआ करती थी |

रामकोट
अयोध्या के पश्चिम में पूजा का विशेष स्थल है | रामनवमी पर लाखो भक्त यहा धूम धाम से रामजी का जन्मोत्सव मनाते है |

त्रेता के ठाकुर मंदिर :
रामायण में जिक्र आता है की श्री राम ने अश्वमेध यज्ञ किया था | उन्होंने जिस जगह यह यज्ञ किया था वही त्रेता के ठाकुर का मंदिर बना हुआ है | इस मंदिर के पास घाट भी बने हुए है | मंदिर में समय के साथ बार बार सुधार किया गया है | सरयू नदी से एक काली प्रतिमा प्राप्त हुई थी जो कालेराम के रूप में मंदिर में लगाई गयी है |
हनुमान गढ़ी

भारत में हनुमानजी के मुख्य मंदिरो में से एक है हनुमानगढ़ी | भक्तो का अटूट विश्वास है की यहा हनुमानजी जीवंत है और उनकी मनोकामना पूर्ण करते है | यह आज भी रामजन्मभूमि और रामकोट की रक्षा करते है | मंदिर में माँ अंजना और बल हनुमान की भी प्रतिमा है |

राघवजी का मन्दिर
राघव जी के रूप में श्री राम अकेले ही इस मंदिर में विराजमान है | इस मंदिर में रामदरबार नही है बस अकेले श्री राम की प्रतिमा है | सरयू नदी में स्नान करके इस मंदिर में दर्शन किये जाते है | अयोध्या नगरी के बीचो बीच यह मंदिर बना हुआ है |

नागेश्वर नाथ मंदिर
लोक कथा के अनुसार यह मंदिर श्री राम के पुत्र कुश ने बनवाया है | एक बार वो सरयू नदी में स्नान कर रहे थे और उनका बाजूबंद पानी में गिर गया | यह बाजूबंद एक नाग कन्या को मिला जो शिव की परम भक्त थी | कुश से उन्हें प्रेम हो गया | और कुश ने इस मंदिर का निर्माण करवाया | शिव यहा के परम देव है |
कनक भवन
अयोध्या का सबसे बड़ा श्री राम दरबार का मंदिर है कनक भवन | यहा के दर्शन बड़े पावन और दिल को छूने वाले है | सोने के मुकुट और आभूषण पहने श्री राम और उनका दरबार अति सुन्दर दिखाई देते है | यह मंदिर हनुमानगढ़ी से कुछ दुरी पर है | इसका निर्माण 1891 में टीकमगढ़ की रानी ने करवाया था |

जैन मंदिर
हिन्दुओं के मंदिरों के अलावा अयोध्या जैन मंदिरों के लिए जानी जाती है । यहा पांच जैन र्तीथकर हुए है | इनके यहा मंदिर बने हुए है जैन भक्त अपार संख्या में इनके दर्शन करने देश विदेश से आते है |

इसके अलावा हिन्दुओ के साधू संतो की यह निवासस्थली रहा है |

कैसे जाए अयोध्या धाम :

वायु मार्ग- निकटम हवाई अड्डा लखनऊ है जो अयोध्या से 140 किमी की दुरी पर है |
रेल मार्ग : निकटतम रेलवे स्टेशन जिला फ़ैजाबाद है |
सड़क मार्ग : अयोध्या उत्तर प्रदेश के सभी मुख्य शहरो से अच्छे से सड़क से जुड़ा हुआ है |

यह भी जरुर पढ़े

भारत की सप्तपुरी नगर

सनातन धर्म में भगवान विष्णु के  चार धाम

क्यों माँ अंजना लंका विजय के बाद नाराज हुई हनुमान से

क्यों इस शिव मंदिर में पूजा करने से डरते है भक्त

भारत के सबसे दक्षिण में कुवारी पार्वती की  कन्याकुमारी तीर्थ

कहते है इस गुफा में शिवजी करते है वास – जाने वाले नहीं आते वापिस

पूजा में हनुमान जी कौन कौन सी चीजे प्रिय है जाने

कैसे चढ़ाये हनुमान जी को सिंदूर का चोला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.