ऋषि अगस्त से जुड़ी मुख्य जानकारी

भारत के महान वैदिक ऋषियो में अगस्त मुनि का नाम भी उज्जवल अक्षरों में लिखा गया है | रामायण में जिक्र है कि इन्होने श्री राम के वनवास काल में उन्हें बहुत से दिव्य अस्त्र शस्त्र दिए थे जो रावण और असुरी सेना के संहार में काम आये थे | वे गुरु वशिष्ट के बड़े भाई थे | इनका नाम […]

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ऋषि मार्कण्डेय मुनि की महिमा और जीवनी

मार्कण्डेय ऋषि ने मार्कण्डेय पुराण की रचना की जिसमे उन्होंने इसके प्रसंग क्रौष्ठि को सुनाये थे | इस पुराण में देवी कात्यायनी की विस्तार से महिमा बताई गयी है | इनके पिता मृकंड थे और ये स्वयं देवादिव महादेव के परम भक्त थे | शिव कृपा से इनका जन्म हुआ और इनकी आयु सिर्फ 16 साल की थी | मृत्यु […]

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महर्षि अगस्त ने क्यों पी लिया समुन्द्र का पूरा जल

अगस्त मुनि द्वारा सागर का सम्पूर्ण जल पीने की कथा महाभारत के सभापर्व में एक प्रसंग आया है जिसमे बताया गया है कि एक बार लोक कल्याणार्थ महर्षि अगस्त ने समुन्द्र का पूरा जल पीकर देवताओ को दैत्यों पर विजय दिलवाई थी | एक बार इंद्र सहित सभी देवता अगस्त मुनि के आश्रम पहुंचे और उनसे कालेह और उसके साथियों […]

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कैसे हुआ दैत्य और राक्षसों का जन्म – जाने उत्पति की कथा

संसार में सकारात्मकता और नकारात्मकता हमेशा उसी तरह विद्यमान रही है जैसे प्रकाश के साथ अँधेरा | सुख के साथ दुःख | परोपकार के साथ कपट | ऐसे ही देवताओ के साथ राक्षस भी उत्पन्न हुए है | यह सब प्रभु की माया का परिणाम है जो हमें इन दोनों के पृथक गुणों अवगुणों के बारे में बताता है | […]

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ऋष्यश्रृंग के बारे में जानकारी

रामायण में बताया गया है गुरु वशिष्ट ने अयोध्या के राजा दशरथ को पुत्र रत्न दिलवाने के लिए  ऋष्यश्रृंग को ही बुलाकर पुत्रकामेष्टि यज्ञ करवाया था | यज्ञ समाप्ति के बाद इन्होने अयोध्या नरेश दशरथ को हवन कुण्ड से निकली खीर दी थी | इस खीर को दशरथ जी ने अपनी जीवन संगिनियो में बाँट दिया परिणाम स्वरुप उनके चार पुत्र […]

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भारत के महान सप्त ऋषि कौनसे है

भारत संतो की भूमि रहा है और संसार की रचना के साथ साथ ब्रह्मा जी ने अपने कई मानस पुत्रो को उत्पति कर ज्ञान , धर्म और नैतिक मूल्यों को संसार में पनपाया था | सप्त ऋषि सबसे महान ऋषियों को दर्शाते है | यह आकाश में स्तिथ सात तारो का समूह भी है जिनके नाम इन्ही ऋषियों के नाम […]

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एकाक्षी नारियल क्या होता है और इससे लक्ष्मी जी का क्या सम्बन्ध है ?

नारियल को श्री फल कहा जाता है , जहा श्री का अर्थ है लक्ष्मी | अर्थात नारियल देवी लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है | यही कारण है कि हिन्दू धर्म में पूजा पाठ में नारियल को जरुर सम्मिलित किया जाता है | श्री फल के साथ की गयी पूजा व्यक्ति को समस्त सुख, ऐश्वर्य प्रदान करती है। पढ़े : श्रीफल […]

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गरुड़ पुराण के अनुसार रेप करने वाले को ऐसी सजा दी जाये तो रेप करने वाली की रूह कांप जाएगी |

भारत में बलात्कार की घटनाये लगातार बढ़ रही है | रेप करने वालो ने नवजात बच्चियों के साथ साथ वृद्ध बूढी माओ तक को नही छोड़ा | अपने हवास की आग में वे अंधे और दानव तुल्य होकर अक्षम्य कुक्रर्म कर बैठते है | अपने आनंद की पराकाष्टा को ओर बढ़ाने के लिए वे अंत में उस पीडिता को जिन्दा […]

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भद्रा क्या होती है और क्यों इसे अशुभ माना जाता है

सनातन धर्म में सकारात्मकता और नकारात्मकता के आधार शुभ अशुभ समय का वर्गीकरण किया गया है | जैसे पूर्णिमा के दिन को सबसे अच्छी तिथि मानी गयी है उसी के विपरीत अमावस्या को उसके विपरीत माना जाता है | कुछ दिन जिन्हें हम अबूझ मुहूर्त के नाम से जानते है बहुत ही पावन होते है | जबकि पंचक और भद्रा […]

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चैत्र मास महत्व और इस मास में आने वाले पर्व और त्योहार

Importance of First Month of Indian Calendar Chaitra Maas and Festivals during this period . हिन्दू पंचाग का पहला मास चैत्र का ही है क्योकि इसी मास से शुभता और उर्जा आरम्भ होती है  | इसका सम्बन्ध चित्रा नक्षत्र से होने से इसका नाम चैत्र रखा गया है | शास्त्रों के अनुसार ब्रह्माजी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि […]

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