शिव के जन्म की कथा – कब हुआ कैसे हुआ

शिव भक्तो के लिए यह पहेली अबूझ है की भगवान शिव शंकर का जन्म कैसे हुआ ? कौन इनके माता पिता थे ? हम सभी यह ज्ञान वेद पुराणों से प्राप्त करते है | पर इस सवाल का जवाब तो कोई भी धर्म शास्त्र सही सही नही दे पाता | पुराणों में भी शिव के जन्म की कथा को लेकर […]

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पुराणों के अनुसार यह काम कभी ना करे , होती है आपकी उम्र कम

सनातन धर्म में धार्मिक पुराण और वेद ज्ञान का भंडार है | इनमे बताई गयी बाते वैज्ञानिक नजरिये या धार्मिक आस्था दोनों पर खरी उतरती है | गरुड़ पुराण में बताया गया है की व्यक्ति को कुछ काम किसी विशेष समय पर नही करने चाहिए अन्यथा उसकी उम्र कम हो जाती है | तो ध्यान से पढ़े यह पोस्ट और […]

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33 करोड़ नही 33 कोटि देवी देवता

हमारे सनातन धर्म में एक भ्रम फैला हुआ है की हमारे देवी देवताओ की संख्या 33 करोड़ है | यदि पुराणों और ग्रंथो को उठाकर देखे तो कही भी देवी देवताओ की संख्या 33 करोड़ नही बताई गयी है | फिर यह भ्रम कैसे फैला किसने फैलाया | संस्कृत के एक शब्द ‘ कोटि ‘ से फ़ैल गया है भ्रम […]

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दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य से जुडी मुख्य 10 बाते

हमारे धार्मिक ग्रंथो के अनुसार प्राचीनकाल से ही मनुष्य जीव जन्तुओ दानवो देवताओ का अस्तित्व था | देवताओ के गुरु बृहस्पति तो दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य थे | कौन थे गुरु शुक्राचार्य शुक्राचार्य ने दीक्षा देकर कई दैत्यों को तीनो लोको का राजा बनाया था | शुक्राचार्य ने भगवान शंकर की तपस्या से मृत संजीवनी विद्या की प्राप्ति की और […]

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भगवान विष्णु के सभी अवतार

भगवान विष्णु और भगवान शिव ने धरती पर कई बार अवतार लिया है हमारे धर्म ग्रंथो के अनुसार  जब जब पृथ्वी पर संकट आता है , तो भगवान किसी न किसी रूप में पृथ्वी पर आते हैं और उन सभी संकटों से मुक्ति दिलाते है | इसी प्रकार भगवान शिव ने विष्णु ने भी कई अवतार लिए है | सबसे […]

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देवताओ की देव दिवाली

देवताओ की दिवाली

देव दिवाली अर्थात देवताओ द्वारा दिवाली का त्यौहार मनाया जाना | शास्त्र कहते है इस दिन देवी देवता दिवाली बनाने गंगा के घाटो पर आते है दीपक जलाते है | वे अद्रश्य रूप में स्वर्ग से आकर इस त्यौहार को मनाते है | कब आती है देव दिवाली : दिवाली के पंद्रह दिन बाद कार्तिक माह  में पूर्णिमा को  यह […]

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लक्ष्मी सरस्वती और गंगा का आपस में लड़ना

लक्ष्मी गंगा सरस्वती श्राप

क्यों लड़ी आपस में लक्ष्मी, गंगा और सरस्वती | ब्रहमवर्त पुराण में एक प्रसंग के अनुसार भगवान विष्णु की तीनो पत्नियाँ लक्ष्मी, गंगा और सरस्वती आपस में लड़ पड़ी और एक दुसरे को श्राप देने लग गयी | इसके पीछे क्या कारण था आइये जानते है | एक बार भगवान विष्णु का गंगा के प्रति अधिक प्रेम देखकर ईर्ष्या भाव […]

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कलियुग है सबसे महान

कलियुग है सबसे महान समय

एक बार मुनियों में बहस चल गयी की किस समय में किया गया थोडा सा पुण्य भी अति फलदाई है | इस प्रश्न का उत्तर पाने के लिए वे सभी वेद व्यासजी के पास पहुंचे | व्यासजी उस समय गंगा स्नान कर रहे थे | ऋषिगणों के आगमन पर व्यासजी डुबकी लगाकर जोर जोर से बोल रहे थे की कलियुग […]

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पत्नी के श्राप के कारण है शनि की दृष्टि कुपित

भगवान शनिदेव की दृष्टि से सभी मनुष्यों में डर है क्योकि शनि की दृष्टिसे उन्हें जीवन में उतार चढाव शुरू हो जाते है | गणेश पुराण में एक अध्याय है जिसमे एक कथा से ज्ञात होता है की शनि की ऐसी दृष्टि कैसे बनी : भगवान शनिदेव शुरू से ही श्री कृष्ण के परम भक्त रहे है | वे उनकी […]

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मंगल भवन अमंगल हारी चौपाई चौपाई

मंगल भवन अमंगलकारी चौपाई रामचरितमानस

श्री तुलसीदास जी महाराज ने रामचरित मानस से बहुत ही प्यारी चौपाई लिखी है जो भक्तो को अति प्रिय और याद भी है | यह मंगल करने वाली और अमंगल का नाश करने वाली मंत्र समान चौपाई है | आइये जाने मंगल भवन अमंगल हारी चौपाई का हिंदी में अर्थ सहित भावार्थ : मंगल भवन अमंगल हारी द्रवहु सुदसरथ अचर […]

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