कैसे जन्मे पांडव जबकि पांडु का अंश नही था उनके शरीर में

पांडवो की जन्म कथा महाभारत के अनुसार पाण्डु अम्बालिका और ऋषि व्यास के मानस  पुत्र थे। वे पाण्डवों के पिता और धृतराष्ट्र के कनिष्ट भ्राता थे। इनकी दो पत्नियाँ कुंती और माद्री थी | पांडु को मिला भीषण श्राप जब पांडु पिता नही बने थे तब वे एक बार शिकार पर गये | जंगलो के उस पार मृग के भ्रम […]

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क्यों अर्जुन ने भीष्म को बाणों की शैय्या पर लिटाया

अर्जुन ने भीष्म को बाणों की शैय्यापर क्यों लेटाया Kyo Arjun Ne Bhism Ko Baano Ki Shaiyya Par Litaya महाभारत में आपने देखा या सुना होगा की गंगा पुत्र भीष्म पितामह कुरुक्षेत्र के मैदान में बाणों की शैय्या पर लेटे हुए थे | ना ही ही उनका शरीर धरती को छु पा रहा था और ना ही आकाश को | […]

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एक श्राप के कारण , यमराज को भी लेना पड़ा था मनुष्य का जन्म

क्यों लेना पड़ा यमराज को मनुष्य का जन्म Kyo or Kis Shraap Ke Karan Yamraj Ko Lena Pada Manav Avatar ग्रंथों के अनुसार, मनुष्य की आयु पूरी होने के बाद उसे मृत्यु के देवता यमराज और उनके दूत अपने साथ ले जाते है पर उसके कर्मो के अनुसार उसे अच्छा या बुरा फल देते है | पर एक कथा के […]

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सावित्री ने कैसे बचाए यमराज से अपने पति (सत्यवान ) के प्राण

सावित्री सत्यवान और यमराज की कहानी Story Of Savitri Satywan and God Of Death (Yamraja) हर साल  जयेष्ट मास की अमावस्या को सुहागिन औरतो द्वारा वट सावित्री व्रत  किया जाता है | यह व्रत उन्हें अखंड सौभाग्यवती बनाता है | यह शनि जयंती का भी दिन होता है | स्त्री की पतिव्रता में इतनी शक्ति है की वो काल (यमराज […]

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गीता का महत्व और मिलने वाली शिक्षा

भगवद गीता से सीख सकते है सफल जीवन हमारे सनातन धर्म में गीता का बहुत महत्व और महिमा है | लगभग हर हिन्दू घर में गीता की ज्ञान भरी पुस्तक मिल जाती है |  हर हिन्दू को श्रीमद्भगवद्‌गीता का पाठ करने चाहिए | इसमे विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र की युद्ध भूमि पर अपने सखा अर्जुन को कर्म […]

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अर्जुन को क्यों बनना पड़ा किन्नर ?

क्यों बने अर्जुन किन्नर ये बात पांडवों के वनवास के समय की है। एक बार अर्जुन महाभारत के रचियता वेद व्यास जी  के पास गए और फिर से राज्य पाने के उपाय पूछने लगे | तब वेद व्यास जी ने उन्हें स्वर्ग में जाकर इंद्र से दिव्यअस्त्रों का ज्ञान लेने का मार्ग सुझाया | तब गुरु के बताये गये मार्ग […]

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भीष्म अष्टमी का महत्व और बनाने के पीछे कारण

Importance Of Bhishma Ashtami / भीष्म अष्टमी (भीमाष्टमी ) का महत्व माघ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को प्रतिवर्ष भीमाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भीष्म पितामह ने अपने शरीर को छोडा़ था, इसीलिए यह दिन उनका निर्वाण दिवस है।  इस दिन का महत्व बहुत ज्यादा बताया गया है | मान्यता है की यदि इस दिन […]

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द्रोपदी के पांच पति कैसे बने पांच पांडव

क्यों द्रोपदी के पांच पति हुए हमारे समाज और धर्म में बहुपति प्रथा लोक और धर्म के विरुद्ध है | पर द्वापर में महाभारत में बताया गया है की द्रोपदी का विवाह पांच पांडवो से हुआ था | इस विवाह के पीछे माँ के वचन और शिव शंकर का आशीर्वाद था | शिव का आशीर्वाद शिव स्वरुप सहाय की पुस्तक […]

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व्यास पोथी – इस स्थान पर वेद व्यास जी ने गणेश जी से महाभारत लिखवाई थी

व्यास पोथी जहा लिखी गयी महाभारत उत्तराखंड की पवित्र देव भूमि कई प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बने हुए है जो भक्तो की आस्था के रंग से हिन्दू पवित्र स्थानों में सुसज्जित है | उत्तर के चार धाम जैसे बद्रीनाथ , केदारनाथ , गंगोत्री और यमुनोत्री इसी राज्य में है | इसी स्थान पर  पांडवो द्वारा स्थापित चमत्कारी लाखामंडल शिवलिंग , मरे […]

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शंगचुल महादेव मंदिर – घर से भागे प्रेमियों को मिलता है यहां आश्रय

शंगचुल महादेव मंदिर , यहा प्रेमियों को दी जाती है शरण हिमाचल प्रदेश जितना अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण जाना जाता है उतना ही यहां की परंपराओं के कारण भी। आज हम आपको बता रहा है कुल्लू के शांघड़ गांव के देवता शंगचूल महादेव के बारे में जो घर से भागे प्रेमी जोड़ों को शरण देते हैं। यह प्राचीन मंदिर […]

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