भीष्म अष्टमी का महत्व और बनाने के पीछे कारण

Importance Of Bhishma Ashtami / भीष्म अष्टमी (भीमाष्टमी ) का महत्व माघ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को प्रतिवर्ष भीमाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भीष्म पितामह ने अपने शरीर को छोडा़ था, इसीलिए यह दिन उनका निर्वाण दिवस है।  इस दिन का महत्व बहुत ज्यादा बताया गया है | मान्यता है की यदि इस दिन […]

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द्रोपदी के पांच पति कैसे बने पांच पांडव

क्यों द्रोपदी के पांच पति हुए हमारे समाज और धर्म में बहुपति प्रथा लोक और धर्म के विरुद्ध है | पर द्वापर में महाभारत में बताया गया है की द्रोपदी का विवाह पांच पांडवो से हुआ था | इस विवाह के पीछे माँ के वचन और शिव शंकर का आशीर्वाद था | शिव का आशीर्वाद शिव स्वरुप सहाय की पुस्तक […]

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व्यास पोथी – इस स्थान पर वेद व्यास जी ने गणेश जी से महाभारत लिखवाई थी

व्यास पोथी जहा लिखी गयी महाभारत उत्तराखंड की पवित्र देव भूमि कई प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बने हुए है जो भक्तो की आस्था के रंग से हिन्दू पवित्र स्थानों में सुसज्जित है | उत्तर के चार धाम जैसे बद्रीनाथ , केदारनाथ , गंगोत्री और यमुनोत्री इसी राज्य में है | इसी स्थान पर  पांडवो द्वारा स्थापित चमत्कारी लाखामंडल शिवलिंग , मरे […]

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शंगचुल महादेव मंदिर – घर से भागे प्रेमियों को मिलता है यहां आश्रय

शंगचुल महादेव मंदिर , यहा प्रेमियों को दी जाती है शरण हिमाचल प्रदेश जितना अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण जाना जाता है उतना ही यहां की परंपराओं के कारण भी। आज हम आपको बता रहा है कुल्लू के शांघड़ गांव के देवता शंगचूल महादेव के बारे में जो घर से भागे प्रेमी जोड़ों को शरण देते हैं। यह प्राचीन मंदिर […]

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सर्प मंदिर, मन्नारशाला – Snake Temple Mannarasala kerala

Snake Temple Mannarasala Kerala History in Hindi : वैसे तो सांपों को समर्पित भारत में अनेक मंदिर है, पर इनमे सबसे प्रसिद्ध है मन्नारशाला का सर्प मंदिर (Snake Temple ) |  इस टेम्पल की गिनती भारत के सात आश्चर्यों में होती है। मान्यता है की विष्णु के अवतार परशुराम जी ने इस मंदिर की स्थापना की थी | यहा होने […]

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वृंदावन का गोपेश्वर मंदिर – भगवान शिव को बनना पड़ा गोपी

वृंदावन के गोपेश्वर मंदिर में शिव है गोपी विश्व का एकमात्र ऐसा शिव मंदिर जहा शिव की पूजा गोपी के रूप में की जाती है | यह मंदिर वृंदावन में गोपेश्वर मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है | इसका एक अन्य नाम गोपीनाथ मंदिर भी है | यह शिव कृष्ण की रास में शामिल होने के लिए गोपी बन कर […]

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श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा की महिमा और दर्शनीय स्थल

श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा की महिमा और महत्व मथुरा कृष्ण जन्मस्थली है और उत्तरप्रदेश का एक जिला है | विष्णु के अवतार श्री कृष्ण भारत की जिस भूमि पर जन्मे वो मथुरा की | उनके मामा कंस ने उनकी माँ देवकी और पिता वासुदेव को कारागार में कैद कर रखा था | जब देवकी और वासुदेव के आठवा पुत्र जन्म […]

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गोवर्धन परिक्रमा का महत्व

गोवर्धन परिक्रमा का महत्व उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से 22 किमी की दूरी पर स्थित है श्री गोवर्धन पर्वत को गिरिराज जी महाराज भी कहा जाता है। ब्रज में स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने इन्द्र के बजाय  इसकी पूजा करने की बात कही थी | तब इंद्र देव नाराज हो गये थे और ब्रज भूमि पर जमकर वर्षा कर […]

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जानिए भगवान कृष्ण को क्यों कहा जाता है छलिया।

कृष्ण थे छलिया पृथ्वी पर भगवान कृष्ण का जन्म, बुराई का नाश करने और शांति व धर्म की स्थापना करने के लिए हुआ था। उन्हें भगवान विष्णु के अवतार बताया गया है | उनका मानना था कि जो व्यक्ति, सच्चाई की राह पर चलता है वह सदैव जीत हासिल करता है। लेकिन अगर आप पाप का अंत करना चाहते हैं […]

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गीता के श्लोक एवं भावार्थ

भगवद गीता के श्लोक हिंदी अर्थ सहित :  जब भी गीता के श्लोक का पाठ करना हो तो सबसे पहले भगवान विष्णु के मंत्र  का ध्यान इस श्लोक से करे शान्ताकारं भुजगशयनं पद्यनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।। पढ़े : शिव पुराण के कारगर उपाय भावार्थ : जिनकी आकृति शांत है, जो शेषनाग पर […]

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