सावित्री के श्राप से ब्रह्माजी का एकमात्र मंदिर पुष्कर में

बह्र्माजी देव का पुष्कर मंदिर

Brahma Temple, Pushkar एक बार एक असुर (Demon ) की हत्या करते करते ब्रह्माजी  के हाथो से तीन कमल के पुष्प गिर गए जिससे धरती पर तीन झीले बन गयी । यही स्थान पुष्कर कहलाया । ब्रह्माजी  की इच्छा हुई की यहा हवन किया जाये पर उनकी पत्नी सावित्री इस हवन में आ नहीं सकी । हमारी परम्परा के अनुसार […]

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जाने सृष्टि के रचियता ब्रह्माजी के बारे में

कौन है बह्र्माजी

भारतीय सनातन धर्म में त्रिदेव की के रूप में ब्रह्मा विष्णु और महेश को पूजा जाता हैं । इनमे ब्रह्माजी को इस सृष्टी का रचियता का पद प्राप्त है । यह बह्रम लोक में निवास करते है पर कमल इनका सबसे प्रिय पुष्प है । इनके चार मुख है जो चारो दिशाओ का प्रतिनिदित्व करते है । इनकी जीवन संगिनी […]

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भैरव के जन्म की कथा और ब्रह्मा का एक सिर काटना

काशी के कोतवाल भैरव की जन्म कथा

भैरव शिव के पांचवे रूद्र अवतार है | इनका अवतरण मार्गशीर्ष मास की कृष्णपक्ष अष्टमी को एक दिव्य ज्योतिर्लिंग से हुआ है | भैरव के अवतरण की कथा कथा के अनुसार एक बार साधुओ ने सभी त्रिदेव और देवताओं से पूछा की आपमें सबसे महान और सबसे श्रेष्ठ कौन है | देवताओं ने सभी वेदों से पूछा तो सभी ने […]

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