मकर सक्रांति के लिए पवित्र स्नान के लिए धार्मिक तीर्थ स्थान

मकर संक्रांति का पर्व दान , स्नान और तप का सबसे बड़ा दिन माना गया है | कलियुग में  इस दिन क्या गया धर्म कई यज्ञो के लिए बराबर फल की प्राप्ति करवाता है | इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है | मकर संक्राति के दिन सूर्य अपनी दिशा बदलकर उत्तर की तरफ झुक जाता है | […]

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गोदावरी नदी का पौराणिक महत्व और अवतरण कथा

भारत की संस्कृति में साधू संतो , देवी देवताओ के साथ प्राकृतिक चीजो का भी बहुत पौराणिक महत्व रहा है | हमारे शास्त्रों में इनके लिए कई धार्मिक प्रसंग आये है | भारत की पवित्र नदियाँ , भारत के धार्मिक पर्वत भी अपने प्रसंगों और कथाओ के कारण पूजनीय रहे है | आज इसी सन्दर्भ में हम आपको गोदावरी नदी […]

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कुरुक्षेत्र तीर्थ की महिमा और शास्त्रों में वर्णन

कुरुक्षेत्र को लेकर शास्त्रों में क्या बताया गया है  ? कुरुक्षेत्र तीर्थ स्थल हरियाणा राज्य की एक ऐतिहासिक जगह है | इसी स्थान पर महाभारत की सबसे बड़ी लड़ाई कौरव और पांडवो के बीच लड़ी गयी थी | इसी पावन भूमि पर भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से संसार को  गीता का अद्भुत ज्ञान दिया था | द्रषद्वती  […]

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खाटू श्याम की निशान यात्रा क्या होती है और जाने इसका महत्व

What is Nishan Yatra During Falgun Mela of Khatu Shyam ji . Know Importance about it . निशान यात्रा (Flag Journey Pedestrian) जो मुख्यत श्री श्याम बाबा से जुडी हुई है | निशान अर्थात झंडा | यहा निशान विजय और त्याग का प्रतीक है | श्याम बाबा के भक्त बाबा श्याम को यह निशान (ध्वजा ) चढाते है और उनके […]

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नर्मदा जयंती का महत्व और माँ नर्मदा से जुड़ी रोचक बाते

Narmada Jayanti Festival and some important facts about this holy river . हमारे हिन्दू धर्म में हम नदियों को भी देवी माओ की तरह पूजते है | इनका जल अमृत तुल्य होता है जो हमारे जीवन के लिए अत्यंत जरुरी है | शास्त्रों में भारत की पवित्र नदियों के बारे में विस्तार से महिमा बताई गयी है | नर्मदा नदी […]

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सबरीमाला मंदिर की महिलाओ के लिए अनोखी मान्यता बन गयी विवाद

सबरीमाला मंदिर में महिलाओ पर रोक क्यों ? भगवान का द्वार अपने सभी भक्तो के लिए खुला होता है , ना उसमे कोई छोटा ना बड़ा , ना ही कोई प्रतिबंध | हालाकि कुछ मंदिरों में सदियों से कई अजब गजब परम्पराए चल रही है जो कभी कभी विवादों के घेरे में आ जाती है | ऐसा ही विवाद इन […]

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पञ्च प्रयाग जहा होता है पवित्र नदियों का संगम

उत्तराखंड के पञ्च प्रयाग Five Confluence of Uttarakhand देव भूमि उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में हैं पांच प्रयाग है | यहा पवित्र नदियाँ आपस में मिलती है और आगे बढती है | यह पांच प्रयाग देवप्रयाग, रूद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग और विष्णु प्रयाग के नाम से जाने जाते है | अब आइये जानते है इन सभी पांच प्रयागों की कहानी : […]

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चक्रतीर्थ सरोवर में गिरा था ब्रह्मा द्वारा रचित चक्र

धर्म तप के लिए सबसे पवित्र तीर्थ भारत भूमि सतयुग से ऋषि-मुनियों की धरती कहलाती  है। हर युग में देवताओ ने यहा अवतार लेकर इस भूमि को पावन किया है | यहा पवित्र नदियाँ और धार्मिक पर्वत उत्तर से दक्षिण तक फैले हुए है | यहा हर क्षेत्र में आपको तीर्थ स्थल मिल जायेंगे । हिन्दू सनातन धर्म वेदों और […]

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उज्जैन का प्राचीन सिद्धवट मंदिर

उज्जैन का प्राचीन सिद्धवट मंदिर उज्जैन के भैरवगढ़ के पूर्व में शिप्रा नदी के तट पर प्राचीन सिद्धवट का स्थान है। इसे शक्तिभेद तीर्थ के नाम से जाना जाता है। हिंदू पुराणों में इस स्थान की महिमा का वर्णन किया गया है। हिंदू मान्यता अनुसार चार वट वृक्षों का महत्व अधिक है। अक्षयवट, वंशीवट, बौधवट और सिद्धवट के बारे में […]

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नैमिषारण्य पवित्र भूमि तीर्थ स्थान Naimisaranya Tirtha

Naimisaranya Tirtha In Sitapur UttarPardesh उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ से सीतापुर 92 किमी की दुरी पर  स्थित है , यही है वह ऋषि और पवित्र  भूमि जहा महा पुराण लिखे गये है , नाम है नैमिषारण्य | नैमिषारण्य सतयुग काल से प्रसिद्ध है।  इस पवित्र स्थान पर जाकर लोग अपने पाप से मुक्त हो जाते हैं ऐसा माना जाता है। […]

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