सनातन धर्म की महिमा में यह 10 बाते आपको जाननी चाहिए

दुनिया भर के धर्मो में सनातन धर्म की महिमा को महान बताया गया है | सनातन का अर्थ ही है ” जिसे कोई नष्ट नही कर सके ” | जो चीर काल से चला आ रहा है और चलता रहे | सिन्धु घाटी सभ्यता में भी हिन्दू धर्म के प्रमाण मिले है |


सनातन धर्म महिमा

सनातन धर्म क्या है




इस धर्म में जो बाते सदियों पहले हमारे ऋषि मुनियों ने बताई थी , वे आज वैज्ञानिक भी सही मान रहे है | सनातन धर्म से आप आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक सभी तरह के सुख पा सकते है | विश्व का प्राचीनतम हिन्दू धर्म सही तरीके से जीवन जीने की राह बताता है | आज इस आलेख में हम हिन्दू धर्म की महिमा और मुख्य मान्यताओ पर प्रकाश डालेंगे |

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सनातन धर्म की मुख्य मान्यता

आइये जानते है हिन्दू सनातन धर्म की 10 मुख्य और प्रमुख मान्यता |

  • वेदों में ईश्वर को निराकार बताया गया है और पुराणों में उनकी आकार रूप रंग की व्याख्या की गयी है | सनातन धर्म साकार और निराकार रूप में ईश्वर के अस्तित्व पर जोर देती है | आप किसी भी ईश्वर की पूजा करते हो | पूजा परब्रहम परमात्मा की ही होती है |
  • आत्मा को अमर बताया गया है वो न ही जन्म लेती है ना ही मरती है |
  • आत्मा या तो दूसरी योनी में जाती है या मोक्ष को प्राप्त करती है | यह सब उसके किये गये कर्मो पर निर्भर करता है |
  • ईश्वर की पूजा करने के पीछे किसी तरह का डर नही , अपितु उसका धन्यवाद करना है |
  • जब जब पाप चरम पर होगा तब ईश्वर अपने अवतार धारण करेंगे | उनके लिए अवतार अधर्म का नाश करेंगे |
  • पुण्य दूसरो की सेवा में है और किसी को सताना पाप है |
  • यदि आप किसी जीवमात्र की सेवा करते है तो यह ईश्वर की सेवा के तुल्य ही है |
  • लोभ , लालच , क्रोध , सांसारिक मोह माया से उठकर जीवन जीना ही धर्म है |
  • हिन्दू उपनिषदों के अनुसार सबसे बड़ी शक्ति परब्रह्म परमेश्वर है जिसे आप शिव कहे , विष्णु कहे या शक्ति कहे |

सनातन धर्म के पांच सम्प्रदाय

प्राचीन काल में हिन्दू सनातन धर्म पाँच सम्प्रदाय पर चलता था | यह पाँच महान हिन्दू देवी देवता के आधार और पूजा पर बना था |

  1. भगवान गणेश को मानने वाले – गाणपत्य सम्प्रदाय
  2. शिव शंकर की भक्ति करने वाले – शैव सम्प्रदाय
  3. भगवान विष्णु के भक्त – वैष्णव सम्प्रदाय
  4. सूर्य की पूजा करने वाले – सौर सम्प्रदाय
  5. माँ शक्ति के उपासक –  शाक्त सम्प्रदाय

समय के साथ साथ ये सभी सम्प्रदाय यह एक मत होने लगे | वे मानने लगे की आप किसी भी देवी देवता की पूजा करे ,  आपके आराध्य परब्रहम की पूजा हो जाएगी | कालांतर में दो ही सम्प्रदाय ही रहे है वो है शैव और वैष्णव |

 

 

 

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