शिवपुराण : ये 12 संकेत बताते है की मृत्यु निकट है

मृत्यु( मौत ) के 12 संकेत शिवपुराण के अनुसार

जो इस संसार में आया है , वो एक ना एक दिन जरुर जायेगा | कोई पूरी उम्र बिताकर तो कोई अकाल मृत्यु पायेगा | आना जाना जीवन मरण संसार का एक घोर सत्य है | यदि हम हिन्दू धार्मिक शास्त्र शिव महापुराण की बात करे तो इसमे कुछ ऐसे संकेत बताये गये है जो मौत के करीब होने का संकेत देते है | आइये जाने वे ईशारे की किसी व्यक्ति की मृत्यु कब होती है निकट |


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मौत के देवता

यमराज को मृत्यु के देवता बोला जाता है | इनका दूसरा नाम धर्मराज भी है | यह कार्य भगवान शिव ने इन्हे सौफा है |

1- शिवपुराण के अनुसार जो व्यक्ति ग्रहो के दर्शन कर भी दिशा का ज्ञान ना कर सके तो उस मनुष्य की मृत्यु 6 महीने में हो जाती है।

2- जिस व्यक्ति के चारो तरफ अचानक नीली मक्खियां आकर भिनभिनाने लगे तो उसकी मृत्यु एक माह में हो जाती है।


3- शिवपुराण में बताया गया है कि यदि किसी व्यक्ति के सिर पर गिद्ध, कौवा अथवा कबूतर आकर बैठ जाए , वह एक महीने के भीतर ही मर सकता है |

4- यदि अचानक किसी व्यक्ति का शरीर सफेद या पीला पड़ जाए और लाल निशान दिखाई दें तो  उस मनुष्य की मृत्यु 6 महीने के भीतर हो जाएगी।

5- जिस मनुष्य को चंद्रमा व सूर्य के आस-पास का चमकीला घेरा काला या लाल दिखाई दे, तो उस मनुष्य की मृत्यु 15 दिन के अंदर हो जाती है। अरूंधती तारा व चंद्रमा जिसे न दिखाई दे अथवा जिसे अन्य तारे भी ठीक से न दिखाई दें, ऐसे मनुष्य की मृत्यु एक महीने के भीतर हो जाती है।

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6- त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) में जिसकी नाक बहने लगे, उसका जीवन पंद्रह दिन से अधिक नहीं चलता। यदि किसी व्यक्ति के मुंह और कंठ बार-बार सूखने लगे तो  6 महीने के  अंदर उसकी मौत हो जाती है।

7- जब किसी व्यक्ति को जल, तेल, घी तथा दर्पण में अपनी परछाई न दिखाई दे, तो समझना चाहिए कि उसकी आयु 6 माह से अधिक नहीं है। जब कोई अपनी छाया को सिर से रहित देखे अथवा अपने को छाया से रहित पाए तो ऐसा मनुष्य एक महीने भी जीवित नहीं रहता।

8- जब किसी मनुष्य का बायां हाथ लगातार एक सप्ताह तक फड़कता ही रहे, तब उसका जीवन एक मास ही शेष जानना चाहिए। जब सारे अंगों में अंगड़ाई आने लगे और तालू सूख जाए, तब वह मनुष्य एक मास तक ही जीवित रहता है।

9- जिस मनुष्य को धुर्व तारा अथवा सूर्यमंडल का भी ठीक से दर्शन न हो। रात में इंद्रधनुष और दोपहर में उल्कापात होता दिखाई दे तथा गिद्ध और कौवे घेरे रहें तो उसकी आयु 6 महीने से अधिक नहीं होती।

10- जो मनुष्य अचानक सूर्य और चंद्रमा को राहू से ग्रस्त देखता है (चंद्रमा और सूर्य काले दिखाई देने लगते हैं) और संपूर्ण दिशाएं जिसे घूमती दिखाई देती हैं, उसकी मृत्यु 6 महीने के अंदर हो जाती है।

11- शिवपुराण के अनुसार जिस मनुष्य को आकाश में सप्तर्षि तारे न दिखाई दें, उस मनुष्य की आयु भी 6 महीने ही शेष समझनी चाहिए।

12- शिवपुराण के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को अग्नि का प्रकाश अच्छे से दिखाई ना दे और उसकी जगह अंधेरा ही अंधेरा दिखाई दे तो ऐसे व्यक्ति की छ माह के भीतर मौत हो जाती है ।

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