शालिग्राम – भगवान विष्णु के रूप की महिमा

जैसे हम भगवान शिव की पूजा शिवलिंग के रूप में करते है उसी तरह भगवान विष्णु की पूजा उनके दिव्य रूप शालिग्राम जी के रूप में की जाती है | शालिग्राम शिला के स्पर्श मात्र से कई जन्मो के पाप नष्ट हो जाते है |


विष्णु शालिग्राम

कैसा होता है शालिग्राम


यह काले रंग का गोल चिकना पत्थर होता है | यह नेपाल में पशुपतिनाथ शिवलिंग के पास में बहने वाली गंडकी नदी  (नारायणी ) से निकलते है | इन पत्थरो को शालिग्राम की संज्ञा दी जाती है तो साक्षात विष्णु भगवान का स्वरुप है | इसे विष्णु के मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा के बाद विराजित कर नित्य पूजा जाता है | शालिग्राम जी का रूप ( वृन्दा ) तुलसी द्वारा द्वारा दिया गया है इसलिए पूजन में तुलसी जी के पत्तो को होना जरुरी है |

दूल्हा बने हुए शालिग्राम भगवान

कैसे बने भगवान विष्णु शालिग्राम जी

पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने दैत्य राज जालंधर की पत्नी वृन्दा का पतिव्रता भंग कर दी थी | इस कारण  जालंधर कमजोर हो गया और मारा गया | पति के वियोग में उसमे भगवान विष्णु को भी श्राप देकर काले पत्थर (शालिग्राम ) का रूप दे दिया और पत्नी से वियोग की बात कही |

माँ लक्ष्मी के करुणामय अनुग्रह पर वृन्दा  ने अपना श्राप पुनः लेकर विष्णु को उनका स्वरुप दिया | तब से विष्णु का रूप शालिग्राम जी की पूजा होने लगी | जगह जगह देव उठनी एकादशी पर शालिग्राम और तुलसी विवाह संपन्न करवाए जाने लगे |

Other Related Posts

कैसे किया जाता है घर में तुलसी जी का विवाह

विष्णु लक्ष्मी की तपोस्थली – बद्रीनाथ धाम कहानी

एकादशी पर क्या नही करना चाहिए

क्यों गणेश जी को तुलसी नही चढ़ाई जाती ?

भगवान विष्णु के सभी अवतार

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *