मंदिर में जाने पर क्यों बजाते है घंटी

मंदिर में घंटी बजाना

हमारा धर्म सनातन वैदिक काल से है और इस महान धर्म में हमारे ऋषि मुनियों ने कुछ ऐसी परम्पराए बना दी है जो वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों ही नजरिये से शत प्रतिशत खरी उठरती है | इस धर्म में गूढ़ रहस्य छिपे हुए है जिसका जब ज्ञान व्यक्ति को होने लगता है तो उसकी आस्था और विश्वास अत्यंत बढ़ जाता है |मंदिर में घंटी बजाना

मंदिर में जाकर पूजा करना हमारी एक सनातन परम्परा है | वहा जो शांति हमें प्राप्त होती है , वो अन्य जगह नही होती | मंदिर में आपने छोटे बड़े घंटी और घंटे देखे होंगे | यह घंटी मंदिर के प्रवेश द्वार पर और अलग अलग जगह पर लगी होती है | भक्त इसे हाथ की उंगलियों से बजाते है और इसकी आवाज शरीर में तरंग पैदा करती है |

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क्यों मंदिर में लगी घंटी बजाई जाती है

मंदिर में लगी घंटी बजाने के धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों कारण है | हम बारी बारी से दोनों कारणों को जानते है |

घंटी बजाने का धार्मिक कारण :

मंदिर में घंटी बजाने से देवी देवताओ की प्रतिमा में  चेतना जागृत हो जाती है , उनका ध्यान हमारी तरफ खीच जाता है | फिर हमारी की गयी विनती जल्दी फलित होती है और पूजा का ज्यादा फल प्राप्त होता है |


घंटी और घड़ियाल की आवाज में जो कम्पन है वो ॐ के जाप के कम्पन के समान है | पुराणों के अनुसार संसार के बनने और बिगड़ने पर भी घंटी के समान ही आवाज रहेगी |

घंटी बजाने का वैज्ञानिक कारण :

वैज्ञानिको के अनुसार घंटी बजाने से जो ध्वनी गुंजायमान होती है वो आस पास के वातावरण के जीवाणु और नकारात्मक शक्तियों को दूर करती है | इससे आस पास का वातावरण शुद्ध हो जाता है |

 

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