सावित्री के श्राप से ब्रह्माजी का एकमात्र मंदिर पुष्कर में

बह्र्माजी देव का पुष्कर मंदिर

Brahma Temple, Pushkar

एक बार एक असुर (Demon ) की हत्या करते करते ब्रह्माजी  के हाथो से तीन कमल के पुष्प गिर गए जिससे धरती पर तीन झीले बन गयी । यही स्थान पुष्कर कहलाया ।


ब्रह्माजी  की इच्छा हुई की यहा हवन किया जाये पर उनकी पत्नी सावित्री इस हवन में आ नहीं सकी ।

पुष्कर ब्रह्मा मंदिर




हमारी परम्परा के अनुसार पति का हवन पत्नी बिना सिद्ध नही माना जाता ।

तब सावित्री के शामिल नही होने के कारण उन्हें गायत्री से विवाह करके उन्हे हवन सम्पन्न कराना पड़ा ।
इस कार्य में उनका साथ भगवान विष्णु ने भी दिया । जब यह बात उनकी पत्नी को पता चली तब उन्होंने अपने पति को श्राप दे दिया की | पढ़े गायत्री मंत्र – जप विधि और फायदे
पुष्कर के अलावा आपकी कही पूजा नही होगी और विष्णुजी को भी उनकी पत्नी से विरह की पीड़ा सहनी पड़ेगी ।
तब रामायण युग श्री राम जी को सीता से दूर होना पड़ा था । इसके पिता सावित्री माँ का ही अभिशाप था |
ब्रह्मा जी की मूर्ति पुष्कर मंदिर में

सावित्री का मंदिर :

पुष्कर में ब्रह्माजी  के मंदिर से थोड़ी दूर एक पहाड़ी पर माँ सावित्री का चढाई पर मंदिर स्थित है ।

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हनुमानजी का सबसे चमत्कारी मंदिर विडियो के माध्यम से

11 comments

  • +919410270265
    Exdentel prierd nariyanbli

  • like muj ko bahut hi acha lega

  • Nice post Thank You For sharing

  • narayandas vishwkarama

    Khani

  • saty kahani he badiya lagi

  • हनुमान सिंह सन्तरा

    माफी चाहूंगा । लेकिन ब्रह्मा जी का एक नही 2 मंदिर है। और दूसरे मंदिर में सावित्री जी साथ मे बेठे है। सावित्री जी को मनाया था श्री श्री 1008 खेतेशश्वर भगवान ने। यह मंदिर राजस्थान के बाड़मेर जिले में बालोतरा रेलवे स्टेशन से मात्र 12 किमी दूर स्थित है।
    विश्व मे सिर्फ एक मात्र मंदिर है जहाँ सावित्री जी सुर गायत्री जी दोनों ब्रह्मा जी के साथ बैठे है।।।

    • हनुमान सिंह सन्तरा

      जगह का नाम आसोतरा धाम है।।

    • आप सही है …पर इस पोस्ट का मुख्य कारण यही बताना था की क्यों घर घर में ब्रह्मा की पूजा नही होती है

  • ॐ नमो ब्रह्मदेवाय नम:

    बहुत ही अच्छी कथा है जी….सादर प्रणाम🙏

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