विक्रम संवत की महिमा और हिन्दुत्व में इसकी जगह

Importance of Hindu New Year Vikram Sanvant

हिन्दू कैलेंडर  में विक्रम संवत से समय की  गणना की जाती है। यह महराजा विक्रमादित्य  के द्वारा शुरू किया गया और इसी कारण इसका नाम विक्रम संवत रखा गया है |हिन्दू नववर्ष महत्व



कब से शुरू होता है विक्रम संवत :

विक्रम संवत चैत्र महीने के नवरात्रि के पहले दिन से शुरू होता है |
2019 में यह 06 अप्रैल को शुरू हो रहा है जो नव संवत्सर 2076 होगा |

यह सूर्य चंद्रमा की गति पर समय और दिनांक बताता है | साल में 12 महीने और एक सप्ताह में 7 दिन इसी हिन्दू कैलेंडर की देन है |

विक्रम संवत की महिमा :

माना जाता है भगवान ब्रह्मा जी ने इसी दिन इस सृष्टि की रचना की थी |

भगवान श्री राम का राज्याभिषेक भी इसी दिन हुआ था |lord rama ayodhya

यह मौसम परिवर्तन का दिन है जब गर्मी की शुरुआत होती है |

इस दिन से कई उत्सव मनाये जाते है जिसमे माँ दुर्गा के नवरात्रि , महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा जिसमे सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है | आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी इस दिन उत्सव मनाया जाता है जिसका नाम उगादि होता है | इस दिन विशेष पूजा मंदिरों में रखी जाती है |

सिंधी समाज के आराध्य भगवान  झुल्लेलाल की यह जयंती है | जिसे चेटीचंड उत्सव के रूप में जाना जाता है |
इसी दिन युधिष्ठर का राजतिलक हुआ था |

क्या क्या करे इस दिन :

घर के दरवाजो पर स्वस्तिक मनाये |

घर के बाहर रंगोली मनाये और संध्या के समय  सात दीपक जलाये  |

घर की छत पर केसरिया झंडा लहराए |

रिश्तेदारों और परिचितों को शुभ कामनाये दे |

त्यौहार की तरह उत्सव मनाये और नए साल पर मंगल कामना की विनती करे |

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