जाने सृष्टि के रचियता ब्रह्माजी के बारे में

कौन है बह्र्माजी

भारतीय सनातन धर्म में त्रिदेव की के रूप में ब्रह्मा विष्णु और महेश को पूजा जाता हैं ।

इनमे ब्रह्माजी को इस सृष्टी का रचियता का पद प्राप्त है । यह बह्रम लोक में निवास करते है पर कमल इनका सबसे प्रिय पुष्प है ।

इनके चार मुख है जो चारो दिशाओ का प्रतिनिदित्व करते है । इनकी जीवन संगिनी के रूप में  सावित्री और गायित्री है ।


इन्होंने ही वेदों की रचना  गायत्री माँ के साथ की है । पढ़े : गायत्री मंत्र – जप विधि और फायदे

ज्ञान और विद्या की देवी सरस्वती इनकी पुत्री बताई गयी है ।

इनके मंदिर :

इनके बहुत ही कम मंदिर है जिनमे सबसे प्रसिद्ध् मंदिर राजस्थान के पुष्कर में स्थित है |

इसके अलावा बैंकॉक का इरावन मंदिर भी इनका ही मंदिर  है ।

कैसे उत्पन्न  हुए ब्रह्माजी



ब्रह्माजी का जन्म भगवान् विष्णु की  नाभि से निकल रहे कमल के पुष्प से हुआ था ।  यह दुर्गा सप्तशती में लिखा हुआ है |

सबसे ज्यादा वरदान  साधु संतो को , देवताओ और असुरो को या तो महादेव ने दिए है या फिर ब्रह्माजी ने दिए है ।

इन्हे परब्रह्म या परम तत्व भी कहा गया है। इनके नाम से ही पूजा पाठ करने वाले ब्राह्मणों का नाम पड़ा ।

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