एक श्लोकी भागवत को पढ़ने से मिलता है संपूर्ण भागवत का फल

एक श्लोकी भागवत

आज जीवन अत्यंत व्यस्थ है | पर जीवन में धर्म और कर्म दोनों ही जरुरी है | समय के अभाव के कारण यदि आप सम्पूर्ण भागवत पुराण नही पढ़ पा रहे तो एक श्लोकी रामायण के सार की तरह एक श्लोकी भागवत पढ़कर जीवन को धन्य बना सकते है | यह मंत्र रूप में है जिसके लिए भगवान श्री कृष्ण का सुमिरण करके तुलसी जी की माला के साथ नित्य जाप करना चाहिए |


एक श्लोकी भागवत मंत्र

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मान्यता है की इस श्लोक का जाप आपको सम्पूर्ण भागवत पढने का फल दिलवाता है | आइये जानते है वो कौनसी पंक्तियाँ है :

इस मंत्र को एक श्लोकी भागवत भी कहते हैं। यह मंत्र इस प्रकार है-

मंत्र
आदौ देवकी देव गर्भजननं, गोपी गृहे वद्र्धनम्।

माया पूज निकासु ताप हरणं गौवद्र्धनोधरणम्।।

कंसच्छेदनं कौरवादिहननं, कुंतीसुपाजालनम्।

एतद् श्रीमद्भागवतम् पुराण कथितं श्रीकृष्ण लीलामृतम्।।

अच्युतं केशवं रामनारायणं कृष्ण:दामोदरं वासुदेवं हरे।

श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं जानकी नायकं रामचन्द्रं भजे।।

कैसे करना चाहिए जाप

ब्रहम मुहूर्त में स्नान आदि से निवृत होकर , श्री कृष्ण की मूर्ति या फोटो के सामने बैठ जाये | फिर कृष्ण की पंचोपचार या षोडशोपचार पूजन विधि से मन से पूजा करे और तुलसी की माला से ऊपर लिखे मंत्र का जाप करे |

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