चार लाइन में समाई है सम्पूर्ण रामायण पाठ का सार – एक श्लोकी रामायण

एक श्लोकी रामायण में सम्पूर्ण रामायण पाठ का सार

भगवान राम को समर्पित दो ग्रंथ मुख्यतः प्रसिद्ध है एक तुलसीदास द्वारा रचित ‘श्री रामचरित मानस’ और दूसरा वाल्मीकि कृत ‘रामायण’। इनके अलावा भी कुछ अन्य ग्रन्थ लिखे गए है पर इन सब में वाल्मीकि कृत रामायण को सबसे सटीक और प्रामाणिक माना जाता है। यह भी मान्यता है की सबसे पहली रामायण हनुमान जी ने लिखी थी पर वाल्मीकि के लिए उन्होंने इसे समुन्द्र में फैंक दी | लेकिन बहुत कम लोग जानते है की श्री रामचरित मानस और रामायण में कुछ बातें अलग है जबकि कुछ बातें ऐसी है जिनका वर्णन केवल वाल्मीकि कृत रामायण में है।


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एक श्‍लोक में संपूर्ण रामकथा

धर्म शास्त्रों के अनुसार, रामायण का पाठ करने से पुण्य मिलता है और पाप का नाश होता है, लेकिन वर्तमान समय में संपूर्ण रामायण पढ़ने का समय शायद ही किसी के पास हो। ऐसे में नीचे लिखे एक मंत्र का रोज विधि-विधान से जप करने से संपूर्ण रामायण पढ़ने का फल प्राप्त होता है । दुःख दूर होते है और सुख आपका पीछा करना शुरू कर देते है इस मंत्र को एक श्‍लोकी रामायण भी कहते हैं। राम शब्द अपने आप में एक महाशक्ति है |

यह है मंत्र

आदि राम तपोवनादि गमनं, हत्वा मृगं कांचनम्।


वैदीहीहरणं जटायुमरणं, सुग्रीवसंभाषणम्।।

बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं, लंकापुरीदाहनम्।

पश्चाद् रावण कुम्भकर्ण हननम्, एतद्धि रामायणम्।।

जाप विधि

ब्रह्म मुहूर्त में उठने के अत्यंत फायदे है अत: उस समय सुबह जल्दी नहाकर, साफ वस्त्र पहनकर भगवान श्रीराम की पूजा करें। भगवान श्रीराम के चित्र के सामने आसन लगाकर रुद्राक्ष की माला लेकर इस मंत्र का जाप करें। प्रतिदिन पांच माला जप करने से उत्तम फल मिलता है। आसन कुश का हो तो अच्छा रहता है। एक ही समय, आसन व माला हो तो यह मंत्र जल्दी ही सिद्ध हो जाता है।

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One comment

  • सुरेन्द्र नाथ तिवारी

    संवत सोलह सौ असी,असी गंग के तीर।
    श्रावण शुक्ला सप्तमी, तुलसी तज्यो शरीर।।

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