शनि मंत्र

शनिदेव मंत्र पूजन

Lord Shani Mantra In Hindu to Remove all Troubles

कहते है जिस पर शनि देव की सच्ची कृपा हो जाये उस व्यक्ति के सितारे बुलंदी पर चले जाते है | वह व्यक्ति फिर सभी सुखो का भोग प्राप्त करता है | इसलिए शनिदेव को शत्रु नही अपना मित्र बनाये और उन्हें प्रसन्न रखे |


वैसे तो शनिदेव का मुख्य वार शनिवार माना जाता है , परन्तु अपने आराध्य देव शनि का हर दिन पूजा और मंत्र जाप करना ज्यादा सार्थक है | शनिवार को भूल से भी ना खरीदे ये चीजे | जिस पर यह प्रसन्न हो जाये उससे फिर कोई ग्रह अशुभ प्रभाव नही दिखाता है |

शनि देव मंत्र

shani dev mantra

पढ़े : चमत्कारी  शिंगणापुर शनि मंदिर
अपने कष्ट-पीड़ाओं और दुखो से मुक्ति प्राप्त करने के लिए निचे लिखा मंत्र का रोज सायंकाल में जाप करे |




वैदिक मंत्र

१) ॐ शं शनैश्चराय नम:

२) ॐ शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु ‍पीतये। शं यो‍रभि स्रवन्तु न

३) ऊँ प्रां प्रीं प्रौं स: शनिश्चराय नम:

शनि गायत्री मन्त्र Shani Gaya

शनि गायत्री मंत्र पाठ : औम कृष्णांगाय विद्य्महे रविपुत्राय धीमहि तन्न: सौरि: प्रचोदयात |

गायत्री मंत्र – जप विधि और फायदे

साथ में जाने पौराणिक मंत्र :

इस मंत्र के माध्यम से शनिदेव और उनके परिवार की जानकरी दी गयी है और उनको नमन किया गया है |
नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्
छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामी शनैश्चरम्


हिंदी में अर्थ नीलांजनसमाभासं मंत्र का

जो नीले और काले पर्वत की तरह चमकिला है, सूर्य के पुत्र और यम के बड़े भाई
छाया उनकी माँ और मार्तण्ड (सूर्य) उनके पुत्र , ऐसे शनिदेव को मैं नमन करता हूँ |

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