माथे पर तिलक लगाना

ललाट पर तिलक लगाना

माथे पर तिलक लगाने से होने वाले लाभ :

 भारतीय सनातन धर्म में तिलक लगाना अति प्राचीन परम्परा रही है | यह हिन्दू धर्म का प्रतीक भी है और हर शुभ कार्य का आरंभिक भाग भी है | माना जाता है की तिलक जिसके किया जाता है वो अपना गौरव बढाता है |

तिलक लगाना सिर्फ रूढ़ीवाद या अन्धविश्वास नहीं है बल्कि इसके वैज्ञानिक कारण भी है |

कब कब किया जाता है तिलक संस्कार :

भारतीय धर्म में जब भी कोई धार्मिक कार्य , शुभ काम ,यात्रा किया जाना होता है तब उसमे सिद्धि प्राप्त करने के लिए तिलक संस्कार किया जाता है | सिर पर तिलक लगाकर इस कार्य की शुभ सिद्धि के लिए कामना की जाती है |

तिलक किस जगह किया जाता है :

तिलक मस्तक पर नासिका के ऊपर पर दोनों भौंहों के बीच वाले स्थान पर किया जाता है जिसे आज्ञा-चक्र कहते है | यह आज्ञा चक्र ज्ञान का सबसे बड़ा केंद्र है जो चिंतन मनन में सबसे सक्रिय है | यह जगह जागृत एवं सक्रिय है चाहे हम चेतन अवस्था में हो या अवचेतन अवस्था में |

इस जगह के दाई तरफ अजिमा नाड़ी और बाई तरफ वर्णा नाड़ी होती है |

इस आज्ञा चक्र पे तिलक करने से मनुष्य उर्जावान , तनावमुक्त , दूरदर्शी , विवेकशील होता है | उसकी समझ अन्यो की तुलना में अधिक होती है | तिलक लगाने से वो शांत और आत्मविश्वासी होता है |

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मौली से होने वाले लाभ

2 comments

  • very useful knowledge . for our modern guys we will have to clear the scientific name of tilak samagri.

  • Tilak- फक्त एक ज चाल्लो कपाल मद्यय करी शकाय. मारी नाम राशी ककॅ है ककॅ राशी को सफेद चंदन का बताया है; मेरा सवाल चाल्ला टाइप करी शकाय .

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