पीपल की महिमा और पूजन विधी

पीपल पेड़ की महिमा

भारत के सनातन धर्म में पीपल की महिमा बहूत ही अनुपम में | यह पेड़ो का राजाधिराज कहलाता है |
इसके मूल भाग में बह्रमा , मध्य में विष्णु और अग्र भाग में शिव निवास करते है | कुछ विशेष त्यौहार में इसकी या इसके पत्तो से पूजा करना अनिवार्य बताया है | शास्त्रों के अनुसार पीपल की विधि पूर्वक पूजा-अर्चना करने से समस्त देवता स्वयं ही पूजित हो जाते हैं , इस चमत्कारी पेड़ के संध्या के समय तेल का दीपक जलाने पर परिक्रमा करने से सभी संकट दूर होते है और भाग्योदय होता है |



क्या भूत प्रेत रहते है पीपल में ?

टीवी या मीडिया यह सरासर गलत ही दिखाते है की पीपल के पेड़ पर भूत प्रेत रहते है | पीपल तो देवी देवताओ का पेड़ है अत: इस पर देवी देवता पर पितरो का ही निवास करते है |

ज्योतिष शास्त्र में भी है चमत्कारी :

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह दोष हो तो वो नित्य पीपल की पूजा करते उस ग्रह की शांति करा सकता है | कालसर्प जैसे दोष भी नित्य पीपल पूजन से ख़त्म हो जाते है | शनिवार के दिन पीपल के पेड के निचे हनुमान चालीसा पढने से हनुमान जी और शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है |

धन दौलत भी दिलाता है यह पेड़ :

कहते है हर पूर्णिमा के दिन सुबह लक्ष्मी जी इसका फेरा लगाती है , अत: इस समय फल पुष्प और मिठाई चढाने से और लक्ष्मी नाम के 108 जाप करने से मनुष्य अर्थ शक्ति हो पाता है |



पीपल का पौधा लगाये और उसकी सेवा करे :

हो सकते तो सभी को एक पीपल का पोधा लगाकर रविवार को छोड़कर हर दिन जला अर्पित करना चाहिए | जैसे जैसे यह पौधा बढेगा वैसे वैसे आपका यश कीर्ति भी समाज में बढ़ेगी | पीपल का पौधा लगाकर उसकी सेवा करने से पितृ दोष दूर होते है |
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