क्यों नही करनी चाहिए पीपल की पूजा रविवार को

रविवार को ना करे पीपल की पूजा

पीपल का पेड़ सभी पेड़ो का राजा है | यह देवी देवताओ का पेड़ है जिनमे सत आत्माए और देवता वास करते है | हम्हे हर दिन बस रविवार को छोड़कर इसकी पूजा करनी चाहिए | इसे जल दूध अर्पित करना चाहिए |इसी पेड़ के द्वारा पितृ देवी देवता की पूजा भी की जाती है

पर सिर्फ रविवार को इसकी पूजा नही करनी चाहिए  ? 

ऐसा क्यों ?

आइये जानते है शास्त्रों से इसके पीछे की कहानी :

क्यों नही करे रविवार को पीपल के पेड़ की पूजा

शास्त्र कहते है की जो व्यक्ति रविवार के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करते है उनपे दरिद्रता खुश हो जाती है और उनके साथ उनके घर में वास करने लगती है | ऐसा होने से व्यक्ति और उसका घर गरीबी का सामना करना पड़ता है |

रात में भी ना करे पीपल की पूजा  :

यहा रात से हमारा अभिप्राय रात्रि के 8 बजे बाद से है | अत: कभी भी रात्रि के 8 बजे के बाद पीपल की पूजा न करे क्योकि इस समय भी लक्ष्मी की बहिन  दरिद्रता इसमे वास करती है |

पीपल को काटना  जरुरी हो तो कब काटे :

जहा तक हो सके इस देवी देवताओ के निवास करने वाले पीपल के पेड़ को कभी नही काटे | फिर भी यदि  जरुरी हो तो रविवार के दिन ही पीपल को काटे पर पहले पीपल देवता से उसके लिए माफ़ी मांगे |

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