क्या आप जानते है की शिवलिंग पर दूध क्यों चढ़ाया जाता है ?

शिवलिंग और दूध

हमारे धर्म शास्त्रों में जी नियम बनाये गये है और जो परम्पराए हमारे धर्म में चली आ रही है उनका बड़ा ही महत्व है | यदि आप वैज्ञानिक द्रष्टि से भी देखेंगे तो आप इन परम्पराओ को सही मानेंगे |


शिवलिंग पर दूध चढाने के पीछे आस्था के साथ साथ वैज्ञानिक कारण भी जुड़े है | सावन का महिमा शिव भक्ति के लिए सबसे उत्तम माना गया है | देश भर के सभी शिवालयो में शिवलिंग को दूध से स्नान करवाया जाता है | शिव भक्त सावन के सोमवार का व्रत करते है | पर क्यों शिवलिंग पर दूध चढ़ाया जाता है |

Watch & Subscribe Our Religious Channel

सावन में गाय और भैंस का दूध होता है हानिकारक :

सावन के महीने में गाय भैंस बरसाती घास पूस के साथ साथ कई तरह के हानिकारक कीड़ो को भी खा जाती है जिससे की उनके दूध पर भी गलत प्रभाव पड़ता है | यह दूध विषेला हो जाता है और इसे यदि हम ग्रहण करते है तो हम कई बीमारियों को न्यौता देते है | अत: सावन के महीने में यह दूध हमें काम में ना लेकर हलाहल विष पीने  वाले शिवजी को चढ़ा देना चाहिए |

शिवलिंग पर दूध अर्पण

दूध ने दिलाई थी शिवजी को राहत :

शिवलिंग पर दूध चढाने की प्रथा के पीछे एक  समुन्द्र मंथन के साथ जुडी पौराणिक कथा  है | जब समुन्द्र मंथन हुआ तो उसमे हलाहल विष  निकला जो की तीनो लोको को नष्ट कर सकता था | तब उस विष को शिवजी ने ग्रहण करके सबकी जान बचाई थी | पर हलाहल विष पीने के बाद वे तड़पने लगे | तब किसी ऋषि ने उन्हें दूध के साथ बिलपत्र खिलाने की बात बताई | देवी देवताओ ने ऐसा ही किया और शिव को इस उपाय से बहुत आराम प्राप्त हुआ | तब से शिवजी को दूध बिलपत्र चढाने की परम्परा शुरू हो गयी |

भगवान शिव से जुड़े यह धार्मिक लेख भी पढ़े ⬇️⬇️

कैसे करे महा शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा

शिव जी का शक्तिशाली महामृत्युञ्जय मंत्र – मुर्दों में भी डाल दे प्राण

भगवान शिव के चमत्कारी मन्त्र और उनसे करे मनोकामना पूर्ण

भोलेनाथ शिवजी महाकाल की शायरियाँ दोहे और स्टेटस

एक भुत ने करवाया था एक रात में शिव मंदिर का निर्माण

क्यों सावन में भगवान शिव की भक्ति की जाती है

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.