कैसे चढ़ाये हनुमान जी के चोला

हनुमान जी के चोला चढाने की विधि

हनुमान जी को  शीघ्र प्रसन्न करने का उपाय है की उन्हें मंगलवार या शनिवार को सिंदूरी चोला चढ़ाया जाये | अपने भगवान श्री राम के दीर्घायु के लिए उन्होंने यह चोला धारण किया था |

इस चोले को चढाते समय कुछ बाते जरुर ध्यान रखे |

शुद्ध जल और गंगा जल से स्नान :

सबसे पहले हनुमानजी की प्रतिमा को शुद्ध जल या गंगा जल से स्नान कराये और फिर किसी साफ़ कपडे से उनके शरीर को पौछे |

 सिंदूर और गाय के शुद्ध  घी से कटोरी में बनाये सिंदूरी लैप :

इसके बाद कटोरी में प्रतिमा के हिसाब से सिंदूर ले और उसमे अच्छे लैप के अनुसार गाय का घी डाले | यदि घी की व्यवस्था नही हो पा रही है तो आप चमेली का तेल भी काम में ले सकते है | अच्छी तरह इनके मिक्स कर ले और फिर चेहरे से शुरू करके सम्पूर्ण शरीर पर इसका लैप कर दे | लैप करते समय मन ही मन यही सोचे की श्री राम की  दीर्घायु के लिए हम आपको यह सिंदूर अर्पित कर रहे है |

ध्यान रखे सिंदूर आँखों में , मुंह पर ना लगे , यदि ऐसा गलती से हो जाये तो कपडे से साफ़ कर दे |

पीपल के पत्तो से बनी  श्री राम माला :

पीपल के कुछ  पत्ते 11 या 21  तोड़ कर उन्हें साफ़ पानी से धो कर सुखा ले फिर सिंदूर से इन सभी पत्तो पर श्री राम लिखे और इनकी एक माला बना ले | यही माला चोला चढाने के बाद हनुमान जी को भेट करे |

अब चमेली के तेल के कुछ छीटे हनुमान प्रतिमा पर लगा दे और फिर बालाजी को जनेऊ पहनाये |

प्रसाद और नैवद्य अर्पित करे :

श्रृंगार के पश्चात बालाजी महाराज को चने गुड , मावे की मिठाई या लड्डू का भोग लगाये |

बालाजी का पान  :

प्रसाद अर्पित करने के बाद बालाजी को पान का भोग लगाये  और पूजन में काम आने वाली सुपारी चढ़ाये |

धुप दीप और दक्षिणा चढ़ाये :

धुप और शुद्ध घी से दीपक जलाये इन सबके बाद बालाजी को अपनी श्रद्दा के अनुसार दक्षिणा भेट करे |

हनुमान चालीसा और हनुमान आरती करे :

अब श्री हनुमान  चालीसा और हनुमान  आरती का पाठ करे | और इसके बड़े इस प्रतिमा से सिंदूर लेके अपने माथे पर लगाये और अपनी मनोकामना हनुमानजी से कहे |

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