पितरो को किया जाने वाला दान

पितरों को श्रद्दा से किया जाने वाला तरह तरह का दान :

Pitro Ke Liye Shradh Paksh Me Kiye Jane Wale Mukhy Daan हिन्दू धर्म में दान (Donation ) का अति महत्व बताया गया है | इन्ही में एक दान होता है पितरो को दान | अपने पितरो को दान करने से हमें  सदैव उनका आशीष प्राप्त होता है | वे हमारे  द्वारा समर्पण पाकर प्रसन्न होते  है | इन्हे दान करने से पारिवारिक सुख आर्थिक सम्पति शांति और पारिवारिक प्रेम  प्राप्त होती है | यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष है , तो श्राद्ध पक्ष या अमावस्या में पितरो के लिए दान करके वे इस दोष से मुक्त हो सकते है |


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अब जानते है की पितृ पक्ष में दान कौनसा होता है और इनका क्या महत्व है ?
पितृ पक्ष में किये जाने वाले दान
1. तिल का दान : Donate Sesamum 

श्राद्ध कर्म में पितरो के लिए तिल का बहुत ही ज्यादा महत्व है। इससे पितृ देवी देवता संतुष्ट होते है | तर्पण में भी इनका प्रयोग किया जाता है |

काले तिल

काले तिल मुख्यत सभी देवताओ को पसंद है | काले तिल के दान से परिवार पर आने वाले संकटों से रक्षा होती है |

2. घी का दान : Donate Clarified Butter 

गाय के शुद्ध घी का दान पितरो के रूप में किसी ब्राहमण को देना अति मंगलकारी माना जाता है | घी के दान से परिवार में अरोगता बढती है |


3. स्वर्ण का दान : Donate Gold 

स्वर्ण दान करने से परिवार में सुख शांति और प्यार बना रहता है | घर के सदस्य एक दुसरे का सम्मान करते है | यदि स्वर्ण दान ना हो सके तो कोई धन आप उस रूप में दान कर सकते है |

4. अन्नदान : Donate Grains

grainsअन्न दान के रूप में आप कोई भी अन्न ,चावल या दाल  आदि दान कर सकते है | यह दान करने से आपके घर में कभी अन्न की कमी नही रहती है  |

5. वस्त्र दान : Donate Cloths

शास्त्रों के अनुसार  पितरों को मौसम के अनुसार वस्त्र दान करने चाहिए । सर्दी में सर्दी के हिसाब से और गर्मी में गर्मी के हिसाब से |  पितरों को धोती,  कुर्ता ,  रुमाल ,  दुपट्टा का दान करना सबसे उत्तम माना गया है। पितृ माता को साडी , चूड़ी , श्रृंगार सामान देना मंगलकारी है | ध्यान रहे यह सब नए और ख़रीदे हुए हो |

इनके अलावा शास्त्रों में बताया गया है की गौ माँ का दान , गुड़ का दान , भूमि का दान भी करना सबसे बड़े दानो में माना जाता है |

नोट : ऊपर लिखे गये दान आप श्राद्ध पक्ष में या किसी अमवस्या पर  किसी विद्वान और योग्य पंडित को घर पर भोजन कराके कर सकते है |

 

इसके अलावा गौ शालाओ में पितरो के नाम से गौमाताओं के लिए चारे या रजके के लिए दान कर सकते है |

 

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