सावित्री के श्राप से ब्रह्माजी का एकमात्र मंदिर पुष्कर में

बह्र्माजी देव का पुष्कर मंदिर

Brahma Temple, Pushkar एक बार एक असुर (Demon ) की हत्या करते करते ब्रह्माजी  के हाथो से तीन कमल के पुष्प गिर गए जिससे धरती पर तीन झीले बन गयी । यही स्थान पुष्कर कहलाया । ब्रह्माजी  की इच्छा हुई की यहा हवन किया जाये पर उनकी पत्नी सावित्री इस हवन में आ नहीं सकी । हमारी परम्परा के अनुसार […]

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जाने सृष्टि के रचियता ब्रह्माजी के बारे में

कौन है बह्र्माजी

भारतीय सनातन धर्म में त्रिदेव की के रूप में ब्रह्मा विष्णु और महेश को पूजा जाता हैं । इनमे ब्रह्माजी को इस सृष्टी का रचियता का पद प्राप्त है । यह बह्रम लोक में निवास करते है पर कमल इनका सबसे प्रिय पुष्प है । इनके चार मुख है जो चारो दिशाओ का प्रतिनिदित्व करते है । इनकी जीवन संगिनी […]

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मंदिर में परिक्रमा क्यों लगाई जाती है

आप मंदिर जाते है , उस मंदिर में देवी देवताओ से आशीष प्राप्त करते है और साथ में ही लगाते है उनके चारो तरफ परिक्रमा | क्या आप जानते है की मंदिर के चारो तरफ परिक्रमा क्यों लगाई जाती है ? मंदिर नित्य पूजा स्थली होने के कारण सकारात्मक और  आध्यात्मक ऊर्जा का केंद्र होता है | जब हम मंदिर […]

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लकवे का इलाज करता एक मंदिर – बुटाटी धाम नागौर राजस्थान

बूटाटी धाम लकवे का ईलाज

Butati Dham For Paralysis Treatment राजस्थान की धरती पर के ऐसा मंदिर भी है जहा देवी देवता आशीष ही नही बल्कि लकवे ( Paralysis ) के रोगी को इस रोग से मुक्त कर देते है | इस मंदिर में दूर दूर से लकवे के मरीज अपनों के सहारे आते है पर जाते है खुद के सहारे | कलियुग में ऐसे […]

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हनुमानजी को प्रसन्न करने वाली पूजा में चीजे

हनुमानजी को पसंद है यह चीजे

हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए पूजा में क्या क्या चढ़ाये | हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए यह चढ़ाये : १) सिंदूर : हनुमान जी को सिंदूर या चोला चढाने से यह अति शीघ्र प्रसन्न होते है | कहते है सीता माता को श्री राम जी के नाम का सिंदूर लगाते हुए हनुमानजी ने देख लिया था | […]

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हनुमानजी के 12 नाम पाठ

हनुमानजी के 12 नाम

श्री हनुमान जी के 12 चमत्कारी  नाम और उनका प्रभावशाली पाठ हनुमानजी इस कलियुग में अति जल्द प्रसन्न होने वाले देवता है जो युगों युगों  से चिरंजीवी है | भक्त की पुकार पर जल्दी ही कृपा बरसाते  है | यह स्तुति आनन्दरामायण में दी गई है।   यह बहुत ही चमत्कारी स्तुति है और यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से इस […]

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ब्रह्म मुहूर्त की महिमा

ब्रह्म मुहर्त का महत्व

ब्रह्म मुहूर्त क्या है ? हम्हारे धर्मग्रंथो में  ब्रह्म मुहूर्त रात्रि के अंतिम पहर को बताया गया है जो सूर्योदय से चार घडी (डेढ़ घंटे ) पहले बताया गया है | यह समय निद्रा त्याग के लिए सबसे उत्तम है | इस समय सोना  शास्त्र के विरुद्ध है | शास्त्र में बताया गया है की “ब्रह्ममुहूर्ते या निद्रा सा पुण्यक्षयकारिणी”। […]

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मंगल भवन अमंगल हारी चौपाई चौपाई

मंगल भवन अमंगलकारी चौपाई रामचरितमानस

श्री तुलसीदास जी महाराज ने रामचरित मानस से बहुत ही प्यारी चौपाई लिखी है जो भक्तो को अति प्रिय और याद भी है | यह मंगल करने वाली और अमंगल का नाश करने वाली मंत्र समान चौपाई है | आइये जाने मंगल भवन अमंगल हारी चौपाई का हिंदी में अर्थ सहित भावार्थ : मंगल भवन अमंगल हारी द्रवहु सुदसरथ अचर […]

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माँ कवलका मंदिर

माँ कवलका मंदिर में देवी करती मदिरापान

मदिरा पान करने वाले काल भैरव का मंदिर तो विश्व प्रसिद्द है , इन्ही के साथ साथ एक देवी मंदिर ओर भी ऐसा है जहा देवी माँ भक्तो द्वारा चढ़ाई मदिरा का पान करती है | यह  मंदिर  रतलाम शहर से लगभग 32 किमी की दूरी पर  सातरूंडा गाँव में  स्थित है । यहा माँ माता कवलका नाम से भक्तो […]

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आठ चिरंजीवी जो अभी तक जीवित है

आठ चिरंजीवी

हिंदू इतिहास और पुराण अनुसार ऐसे सात व्यक्ति हैं, जो चिरंजीवी हैं। यह युगों पहले जन्मे और अभी तक इसी धरती पर वास करते है | इनमे से बहुत आशीष से और कुछ दण्ड रूप में इस धरती पर रह रहे है | यह दिव्य शक्तिओ के मालिक है और अष्ट सिद्धियों के प्राप्ति है : इस श्लोक के माध्यम […]

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