सूर्य मंदिर कोणार्क उड़ीसा की महिमा

कोर्णाक का सूर्य मंदिर

कोणार्क का सूर्य मंदिर   सूर्य देवता को समर्पित सूर्य मंदिर कोणार्क उड़ीसा राज्य के पवित्र शहर पुरी के पास स्थित है । इस मंदिर का निर्माण राजा नरसिंह देव ने 13वीं शताब्दी में करवाया था। यह भव्य सूर्य देवता के मंदिरों में सबसे ऊपर है |   मंदिर लाल बलुआ और ग्रेनाईट के पत्थरो से बना है | यूनेस्को ने इसे विश्व […]

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गणेशजी ने दिया चंद्रमा को श्राप

गणेशजी ने दिया चंद्रमा को श्राप

क्यों गणेशजी ने दिया चन्द्रमा को श्राप : धर्म ग्रंथ बताते है की गणेशजी के जन्मदिवस यानि गणेश चतुर्थी पर हमें चंद्रमा के दर्शन नही करने चाहिए | यदि हम ऐसा करते है तो गणेशजी कुपित हो जाते है और हम पर झूठे आरोप लग जाते है | यह सब हुआ जब चंद्रमा को अपनी सुन्दरता पर घमंड था और […]

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क्यों हुई माँ अंजना अपने पुत्र हनुमान से नाराज

क्यों हुई माँ अंजना अपने पुत्र हनुमान से नाराज

जब रामायण का युद्ध समाप्त हुआ तब वापिस लौटते वक्त हनुमानजी का रास्ते पर  घर पड़ता था | माँ अंजना से हनुमान जी मिलना चाहते थे , उन्होंने प्रभु श्री राम से विनती करी की किया वे कुछ पल अपनी माँ से मिल सकते है | प्रभु श्री राम ने उन्हें आज्ञा दी और कहा की वे सिर्फ उनकी ही […]

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इस मंदिर ने बदल दी अपनी दिशा

सूर्य मंदिर ने बदली दिशा

भारत में सूर्य भगवान के अनेक मंदिर है पर आज इस धर्मयात्रा में हम जिस मंदिर की बात करेंगे वो अपनी कलात्मक भव्यता के साथ दिशा बदलने के कारण भी विख्यात है | कहाँ है यह सूर्य मंदिर : यह सूर्य देवता का मंदिर बिहार के औरंगाबाद के देव में स्थित है | इसकी रूप रेखा  उड़ीसा के जगन्नाथ मंदिर […]

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देव उठनी एकादशी का महत्व और कथा

देव उठनी एकादशी व्रत

देव उठनी एकादशी का महत्व और कथा यह मुख्य एकादशी देव उठनी और देवो उत्थान ग्यारस के नाम से भी जाती है |  साल में आने वाली 24 एकादशियो में इसका विशेष महत्व है | यह दिवाली के बाद ११वे दिन आती है | इसे पापमुक्ति एकादशी के नाम से जाना जाता है | इसमे व्रत करने वाले भक्त को […]

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महिलाये अपनी मांग में सिंदूर क्यों लगाती है

मांग में सिंदूर क्यों लगाते है

महिलाओ की मांग में सिंदूर सिंदूर लगाने के पीछे धार्मिक मान्यता हिन्दू धर्म में विवाहित महिलाये अपनी मांग में सिंदूर लगाती है जो उनके सुहागिन होने की निशानी माना जाता है | यह सिंदूर वो अपने पति की लम्बी उम्र की कामना के लिए लगाती है | महिलायों के सोलह श्रृंगार में इसे विशेष स्थान दिया गया है | इसको लगाने […]

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जलझूलनी एकादशी व्रत महत्व , कथा और पूजन विधि

जलझूलनी एकादशी महत्व Jal Jhulani Ekadashi Importance :जलझूलनी एकादशी  भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की ग्यारस को आती है | इसे पद्मा एकादशी (Padma Ekadashi ),डोल ग्यारस (Dhol Gyaras )और परिवर्तनीय एकादशी (Parivratniya Ekadashi )के नाम से भी जाना जाता है | कहते है इस जल झूलनी ग्यारस के दिन भगवान विष्णु जी अपने शयन पर करवट बदलते है |  […]

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मत्स्य देवी का मंदिर

मत्स्य देवी मंदिर

भारत  के मंदिरों के साथ अजब गजब किस्से है | मंदिरों में 33 कोटी के देवी देवताओ को पूजा जाता है | सबके अपने अपने आराध्य देव है | त्रिदेवो और उनके अवतारों को देवी के अलग अलग रूपों की पूजा होती है | पर आज हम जिस मंदिर की चर्चा करेंगे उसमे मत्स्य (मछली ) को पूजा जाता है […]

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निराई माता का मंदिर

नवरात्रि के दिन माँ दुर्गा को समर्प्रित दिन होते है | इन दिनों में माँ अपने भक्तो के समक्ष कई चमत्कार दिखाती है | आज हम जिस देवी माँ के  मंदिर की बात करने वाले है उस मंदिर का चमत्कार ऐसा है की नवरात्रि के मुख्य दिन पर माँ की ज्योत स्वतः ही जल उठती है | यह मंदिर  छत्तीसगढ़ […]

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काशी के कोतवाल के मंदिर

काशी कोतवाल मंदिर

भगवान शिव ने इनकी घोर तपस्या लेकर  बह्र्म हत्या से मुक्त  कर दिया और फिर इन्हे काशी का कोतवाल नियुक्त कर दिया | हर काशी वाले व्यक्ति को ये ही  उनके पापकर्म के लिए दंड देते है | पढ़े भैरव के जन्म की कथा कोतवाल काल भैरव की काशी में  आठ चौकिया स्थापित की है और इनके इस नगरी में  […]

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