शिव तांडव स्त्रोत पाठ

शिव तांडव स्त्रोत

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्यलम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्‌। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकारचण्डताण्डवं तनोतु नः शिवो शिवम्‌ ॥१॥ सघन जटामंडलरूपी वनसे प्रवहित हो रही गंगाजल की धाराएँ जिन शिवजी के पवित्र कंठ को प्रक्षालित करती (धोती) हैं, जिनके गले में लंबे-लंबे, विकराल सर्पों की मालाएँ सुशोभित हैं, जो डमरू को डम-डम बजाकर प्रचंड तांडव नृत्य कर रहे हैं-वे शिवजी मेरा कल्याण करें. ||१|| जटाकटाहसंभ्रमभ्रमन्निलिंपनिर्झरी विलोलवीचिवल्लरी विराजमानमूर्धनि। धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचंद्रशेखरे […]

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शिव तांडव स्त्रोत

रावण द्वारा रचित शिव तांडव स्त्रोत की महिमा : मंत्र व स्तोत्र में बड़ी शक्ति होती है अपने आराध्य का ध्यान अपनी तरफ खीचने की | स्तोत्र का पाठ करना कृपा सागर में दुबकी लगाने जैसा ही है | प्रत्येक देवी देवताओं के वेदों व पुराणों में उल्लेखित अलग अलग स्त्रोत हैं | हम यहा शिवजी की आराधना में बनाये […]

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सोमवार शिव पूजा

कैसे करे सोमवार को शिवजी की पूजा

How to Do Worship On Monday Of Lord Shiva शिव शंकर का मुख्य दिन सोमवार (Monday) को माना जाता है | सोम का अर्थ है चंद्रमा जो शिव के जटा पर विराजित है | इनकी पूजा से सभी पापो का नाश और शिव धाम की प्राप्ति होती है | शिव भस्म रमाने वाले देवता है | शिव से बड़ा इस […]

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शिवजी के 108 नाम

शिवजी के 108 नाम

आइये जाने भगवान शिवजी के कौन कौन से 108 नाम है और उनका हिंदी में अर्थ क्या है | शिव – कल्याण स्वरूप 2. महेश्वर – माया के अधीश्वर 3. शम्भू – आनंद स्स्वरूप वाले 4. पिनाकी – पिनाक धनुष धारण करने वाले 5. शशिशेखर – सिर पर चंद्रमा धारण करने वाले 6. वामदेव – अत्यंत सुंदर स्वरूप वाले 7. […]

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काशी विश्वनाथ मंदिर

Kashi Vishwanath Temple Jyotirling

काशी विश्वनाथ मंदिर जिसे विश्वेश्वर महादेव मंदिर भी कहा जाता है , बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर प्राचीनकाल से बनारस (वाराणसी) में स्तिथ है। काशी को मोक्षधाम भी खाते है , जीवन की मुक्ति इसी मुक्तिदायिनी नगरी से होती है | कहते है की यह नगरी शिवजी के त्रिशूल पर विराजमान है | यह धाम हिन्दू धर्म […]

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त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग नासिक

त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग नासिक

त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग मन्दिर महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में हैं | यह मंदिर निकटवर्ती ब्रह्मगिरि नामक पर्वत के पास ही है , जो की दक्षिण गंगा गोदावरी नदी का उद्गम है। इस मंदिर का मुख्य रिश्ता गौतम ऋषि से और उनके द्वारा लाइ गयी गोदावरी से है | मंदिर के अन्दर योनी भाग में तीन लिंग जो ब्रह्मा, विष्णु और […]

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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग

ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग

यह ज्योतिर्लिंग मध्यप्रदेश में पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित है। यहाँ दो पर्थक पर्थक दो शिवलिंग है जिन्हें ही ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग कहते है | यह टापू नर्मदा के दो धाराओं के विभक्त होने से बना है इस टापू को मान्धाता-पर्वत या शिवपुरी कहते हैं। दोनों टापुओ को मिलाने के लिए हवा में एक झुला बनाया गया है | […]

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नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात में द्वारका से १७ मील की दुरी पर ही है | सोमनाथ अन्य ज्योतिर्लिंग गुजरात में ही है | नागेश्वर अर्थात नागों का ईश्वर भगवान् शिवजी है | रुद्र संहिता में इन्हे दारुकावने नागेशं से भी पुकारा गया है| अन्य ज्योतिर्लिंगो की भाति ही इनकी महिमा के बारे में जानना और दर्शन करना शिवपद प्राप्ति के समान […]

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मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग

ज्योतिर्लिंगों में मल्लिकार्जुन का दुसरे स्थान पर है , मल्लिका माँ पार्वती और अर्जुन अर्थात शिव | अत: यह धाम शिव शक्ति का पावन स्थान है |   यह आन्ध्र प्रदेश के कृष्णा ज़िले में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल पर्वत पर श्रीमल्लिकार्जुन विराजमान हैं। हैदराबाद से लगभग 200 किलोमीटर दूर इस स्थान को दक्षिण का कैलाश कहते हैं। । […]

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केदारनाथ ज्योतिर्लिंग

केदारनाथ शिवजी ज्योतिर्लिंग

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग मन्दिर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के रूद्रप्रयाग जिले केदार नमक चोटी पर स्तिथ है। हिन्दुओ के चार धाम में बद्रीनाथ के पास केदारनाथ को मुख्य स्थान प्राप्त है | प्रतिकूल जलवायु के कारण ही यह मंदिर अप्रैल से नवंबर महीने तक ही खुला रहता है | कहा जाता है की इस मंदिर का निर्माण महाभारत काल में पत्‍थरों […]

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