राशि और उनसे जुड़े मंत्र

राशि के अनुसार आपका मंत्र

मंत्र अपने आराध्य की स्तुति का रामबाण है | हम्हारे जन्म तारीख समय और स्थान के अनुसार हम्हे एक राशि प्राप्त होती है | और उसी राशि में आने वाले अक्षरों से हम्हे हमारा नाम मिलता है | अब हम यहाँ देखेंगे की हमारी राशि के अनुसार हम्हे किस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए जिससे ग्रह हमारे हितेषी होकर अपना […]

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कैसे रहे पर्स भरा भरा

पर्स रहे पैसो से भरा भरा

सभी यही चाहते है की उनका पर्स हमेशा नोटों से भरा रहे, जितने नोट खर्च हो उससे ज्यादा नोट फिर से पर्स में आ जाये | सीधे मायने में आमदनी ज्यादा हो और खर्चे कम हो | इन सभी बातो का वैज्ञानिक आधार तो यही है की आप अच्छे से पैसे कमाए , फिजूलखर्ची बंद करे | पर साथ ही […]

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शिवजी को जल बेलपत्र

शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना

क्यों चढाते है शिवलिंग पर जल दूध और बेलपत्र हम सभी जानते है की शिवजी की पूजा शिवलिंग के रूप में अर्धनारेश्वर के रूप में होती है और उनपे बेलपत्र अर्पण किया जाता है और जल और दूध से अभिषेक किया जाता है | कभी आपने इसके पीछे के कारण जाने है की क्यों शिवलिंग पर बेलपत्र और जल चढ़ाया […]

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शंख से ना करे शिव पूजन

क्यों है शंख से शिव पूजा वर्जित हिन्दू धर्म में आरती के समय शंख का उपयोग महत्वपूर्ण माना जाता है | सभी सभी देवी-देवताओं को शंख से जल चढ़ाया जाता है आपको जानकर अचरज होगा की पुराणों में किसी भी शिवलिंग पर शंख से जल चढ़ाना वर्जित माना गया है। ऐसा क्यों है और इसके पीछे की कथा जानते है […]

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द्वादशज्योतिर्लिंग स्तोत्र

द्वादश ज्योतिर्लिंग

शिवजी का द्वादशज्योतिर्लिंग स्तोत्र में सभी मुख्य 12 ज्योतिर्लिंगों का सार दर्शाया गया है | रोज इस स्त्रोत का पाठ करने से भक्त के जीवन पर शिव की अशीम कृपा बनी रहती है और वह अपने जीवन के अंत में शिवपद को प्राप्त करता है | हर ज्योतिर्लिंग में शिवजी का साक्षात् वास है | शिव भक्तो के चमत्कारी यह […]

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बिल्वपत्र और शिवमंत्र

बिल्वपत्र और जल से शिव पूजन करते समय ध्यान रखे यह मंत्र : शिवजी ही सबसे सरल स्वभाव और मोहमाया से दूर रहने वाले देव है वे कलश भर पानी और आसानी से मिल जाने वाले बिल्वपत्र धतूरे से प्रसन्न हो जाते है | इनकी पूजा से मनुष्य को सभी सुखो का आनंद प्राप्त होता है | यह सांसारिक और […]

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पूजा में आरती का महत्व क्या है

shivji aarti

जाने आरती का क्या महत्व है पूजा अर्चना में आज आपको बताते है आरती का महत्व। मंदिर चाहे घर में हो या घर के पास , मंदिर चाहे छोटा हो या बड़ा , हर धार्मिक स्थल पर आरती की महत्ता होती है | ईश्वर की पूजा बिना आरती के अधूरी मानी जाती है | अत: पूजा करने से पहले आरती […]

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शिव तांडव स्त्रोत पाठ

शिव तांडव स्त्रोत

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्यलम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्‌। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकारचण्डताण्डवं तनोतु नः शिवो शिवम्‌ ॥१॥ सघन जटामंडलरूपी वनसे प्रवहित हो रही गंगाजल की धाराएँ जिन शिवजी के पवित्र कंठ को प्रक्षालित करती (धोती) हैं, जिनके गले में लंबे-लंबे, विकराल सर्पों की मालाएँ सुशोभित हैं, जो डमरू को डम-डम बजाकर प्रचंड तांडव नृत्य कर रहे हैं-वे शिवजी मेरा कल्याण करें. ||१|| जटाकटाहसंभ्रमभ्रमन्निलिंपनिर्झरी विलोलवीचिवल्लरी विराजमानमूर्धनि। धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचंद्रशेखरे […]

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शिव तांडव स्त्रोत

रावण द्वारा रचित शिव तांडव स्त्रोत की महिमा : मंत्र व स्तोत्र में बड़ी शक्ति होती है अपने आराध्य का ध्यान अपनी तरफ खीचने की | स्तोत्र का पाठ करना कृपा सागर में दुबकी लगाने जैसा ही है | प्रत्येक देवी देवताओं के वेदों व पुराणों में उल्लेखित अलग अलग स्त्रोत हैं | हम यहा शिवजी की आराधना में बनाये […]

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सोमवार शिव पूजा

कैसे करे सोमवार को शिवजी की पूजा

शिव शंकर का मुख्य दिन सोमवार को माना जाता है | सोम का अर्थ है चंद्रमा जो शिव के जटा पर विराजित है | शिव से बड़ा इस जगत में कुछ नही है | शिव ही सही मायने में जगतेश्वर है | यह शक्ति से परे नही है बल्कि इनका ही नारी रूप है शक्ति | इनका रूप अर्धनारेश्वर का […]

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