अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं हनुमान जी श्लोक और अर्थ

यदि हनुमान जी की महिमा के बारे में जानना चाहिए तो यह 4 लाइन का श्लोक गागर में सागर की तरह बहुत ही अच्छे ढंग से इनकी महानता और वीरता को इंगित करता है | अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्‌। सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥ padhe – हनुमान जी के पुत्र मकरध्वज के जन्म की कथा श्लोक का हिंदी अर्थ – […]

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कैसे हुआ दैत्य और राक्षसों का जन्म – जाने उत्पति की कथा

संसार में सकारात्मकता और नकारात्मकता हमेशा उसी तरह विद्यमान रही है जैसे प्रकाश के साथ अँधेरा | सुख के साथ दुःख | परोपकार के साथ कपट | ऐसे ही देवताओ के साथ राक्षस भी उत्पन्न हुए है | यह सब प्रभु की माया का परिणाम है जो हमें इन दोनों के पृथक गुणों अवगुणों के बारे में बताता है | […]

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कुण्डलिनी जागरण के 6 चक्र कौनसे है

हमारे शरीर में 72,000 नाड़ियाँ है जो मूल स्थान से शरीर के विभिन्न भागो में जाती है | जिस स्थान पर बहुत सारी नाड़ियाँ एकत्रित हो जाती है वहा एक चक्र बन जाता है | शरीर में ऐसे 6 मुख चक्र स्तिथ  है | कही कही इनकी संख्या 7 बताई गयी है | इन चक्रों का आकर कमल या पदम् […]

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पूजा पाठ में हाथो से बनाई मुद्राओ का महत्व

मुद्रा का अर्थ है आकृति का निर्माण करना | हम यहा पूजा पाठ या धार्मिक अनुष्टान में कार्य सफलता के लिए हाथो से बनाई जाने वाली अस्थाही मुद्राओ की बात करने वाले है | हिन्दू धार्मिक शास्त्रों में बताया गया है कि पूजा पाठ या मंत्र जप योग में यदि हाथो से विशिष्ट मुद्राये बनाकर धार्मिक कृत्य किया जाए तो […]

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ऋष्यश्रृंग के बारे में जानकारी

रामायण में बताया गया है गुरु वशिष्ट ने अयोध्या के राजा दशरथ को पुत्र रत्न दिलवाने के लिए  ऋष्यश्रृंग को ही बुलाकर पुत्रकामेष्टि यज्ञ करवाया था | यज्ञ समाप्ति के बाद इन्होने अयोध्या नरेश दशरथ को हवन कुण्ड से निकली खीर दी थी | इस खीर को दशरथ जी ने अपनी जीवन संगिनियो में बाँट दिया परिणाम स्वरुप उनके चार पुत्र […]

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भारत के महान सप्त ऋषि कौनसे है

भारत संतो की भूमि रहा है और संसार की रचना के साथ साथ ब्रह्मा जी ने अपने कई मानस पुत्रो को उत्पति कर ज्ञान , धर्म और नैतिक मूल्यों को संसार में पनपाया था | सप्त ऋषि सबसे महान ऋषियों को दर्शाते है | यह आकाश में स्तिथ सात तारो का समूह भी है जिनके नाम इन्ही ऋषियों के नाम […]

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महान गुरु वशिष्ट की महिमा और रोचक बाते

वेदों और पुराणों में सौम्य स्वभाव के दिव्य शक्तियों से पूर्ण महान गुरु वशिष्ट के बारे में बताया गया है | भारत के युगों के इतिहास में इनका नाम अमर और सुनहरे गुरु के रूप में जाना जाता है | इन्हे मंत्रद्रष्टा भी कहा जाता है क्योकि इन्होने दीर्घकालीन समाधी रूप साधना से वैदिक ऋचाओ का ज्ञान प्राप्त कर लिया […]

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रामायण के राम अरुण गोविल से जुडी रोचक बाते

Arun Govil Biography family and carrier रामानंद सागर की रामायण और उसमे सबसे अहम रोल ‘श्री राम ‘ का  निभाने वाले अरुण गोविल | राम का किरदार निभाने वाले अरुण जी के जीवन का यह सबसे बदलाव वाला दौर था | इस अदाकारी के बाद उनके जीवन में बहुत ही सुखद बदलाव आने लगे थे  | वे इस कलियुग में […]

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चाणक्य के अनुसार किन लोगो को धन देने से होती है पैसे की बर्बादी

सबसे बुद्धिमान अर्थशास्त्री जिन्होंने अपनी शिक्षा से सिर्फ चंद्रगुप्‍त मौर्य को ही भारत का सम्राट नही बनाया , बल्कि भारत के लोगो को ऐसे ज्ञान के सागर दे दिए जो जीवन में बड़ी सीख देते है | उनकी बहुत सारी नीतिया जीवन में उतारने से जीवन सुखद और शांतिमय हो जाता है | पढ़े :- किस चीज के दान का […]

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कैसे हुआ वानरराज बालि और सुग्रीव का जन्म ?

रामायण को जानने वालो को अच्छे से पता है कि सुघ्रीव और बालि भाई भाई थे और श्री राम ने बालि का वध कर सुघ्रीव को उसका राज्य किष्किन्धा फिर से दिला दिया था | बालि पुत्र अंगद ने बाद में लंका में हुए वानर असुर संग्राम में  श्री राम का भरपूर साथ दिया | रामायण देखने के बाद एक […]

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