सबसे बड़ी पतिव्रता अनुसूईया

त्रिदेव बह्रमा विष्णु महेश ने पिया दूध

यह एक पौराणिक प्रसंग है जो सती अनुसूईया के चरित्र की महिमा का गुणगान करता है | सती अनुसूईया अपने पतिधर्म और पतिव्रता के लिए जानी जाती थी | तीनो लोको में उनके इस धर्म की कीर्ति का बख्यान होता था | देव ऋषि नारद जी को तो आप जानते है , अपने स्वभाव वस उन्होंने  अनुसूईया की यह महिमा […]

Read more

भगवान विष्णु का कल्कि अवतार कलियुग में

कलियुग में कल्कि अवतार विष्णु

कलियुग और कल्कि अवतार ब्रह्मवैवर्त पुराण में बताया गया है की कलियुग में एक समय ऐसा आएगा जब मनुष्य कु उम्र औसत 40 वर्ष ही रह जाएगी | 16 वर्ष की उम्र में आते आते बाल सफ़ेद हो जायेंगे | तब भगवान विष्णु का फिर एक अवतार कल्कि अवतार होगा | यह तो हम भी देख रहे है की जैसे […]

Read more

गणेश लक्ष्मी की पूजा एक साथ क्यों

गणेश लक्ष्मी पूजा एक साथ क्यों

क्यों गणेश लक्ष्मी की पूजा एक साथ की जाती है ? आपने दिवाली पर लक्ष्मी जी के साथ गणेश का पूजन किया होगा | पर आपने कभी सोचा है की विष्णु जी की जगह पर गणेश जी का लक्ष्मी के साथ पूजा क्यों की जाती है ? जब मंदिरों में राधे कृष्णा , शिव पार्वती , सीता राम की साथ […]

Read more

पीपल की महिमा और पूजन विधी

पीपल पेड़ की महिमा

भारत के सनातन धर्म में पीपल की महिमा बहूत ही अनुपम में | यह पेड़ो का राजाधिराज कहलाता है | इसके मूल भाग में बह्रमा , मध्य में विष्णु और अग्र भाग में शिव निवास करते है | कुछ विशेष त्यौहार में इसकी या इसके पत्तो से पूजा करना अनिवार्य बताया है | शास्त्रों के अनुसार पीपल की विधि पूर्वक […]

Read more

कृष्णा ने पीया राधे के चरणों से चरणामृत

कृष्णा ने पिया राधे का चरणामृत

चरणामृत की महत्ता और शक्ति का इस पौराणिक कथा से भी ज्ञान होता है की जब खुद भगवान को अपने परम भक्त का चरणामृत लेना पड़ा था | एक बार गोकुल में बाल कृष्णा बीमार पड़ गये थे | कोई हाकिम वैद दवाई जड़ी-बूटी उन्हें ठीक नही कर पा रही थी | जब गोपियाँ उनसे मिलने आई और उनकी ऐसी […]

Read more

शिव पार्वती का तीसरा पुत्र अन्धक जो एक दैत्य था

शिव पार्वती दैत्य पुत्र अन्धक

यह प्रसंग बताएगा की क्यों शिवजी और पार्वती  के दैत्य पुत्र अंधक ने जन्म लिया और किस कारण शिवजी ने अपने इस पुत्र का वध किया | आइये जाने ………. एक बार शिवजी पूर्व दिशा में मुंह करके बैठे हुए थे , तभी पीछे से पार्वतीजी ने अपने हाथो से शिवजी की आँखे बंद कर दी और इस तरह पल […]

Read more

रावण की पुत्री सीता के पीछे का सच्च

रावण सीता की पुत्री

रामायण के ऊपर दुनियाभर के विद्वान अध्ययन कर रहे है | बहुत सारी रामायणे ( लगभग 100 से ऊपर ) भी लिखी गयी है जिसमे महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण मुख्य है | अदभुत  रामायण में रावण और सीता का संबंध पिता पुत्री का बताया गया है | हालाकि वाल्मीकि रामायण इस बात के ऊपर कोई सच्चाई नही डालता | […]

Read more

बिहार में गया तीर्थ की महिमा

गया तीर्थ का धर्म में महत्व

बिहार की राजधानी पटना से करीब 104 किलोमीटर की दूरी पर बसा है गया जिला। धार्मिक दृष्टि से गया न सिर्फ हिन्दूओं के लिए बल्कि बौद्ध धर्म मानने वालों के लिए भी आदरणीय है। बौद्ध धर्म के अनुयायी इसे महात्मा बुद्ध का ज्ञान क्षेत्र मानते हैं जबकि हिन्दू गया को मुक्तिक्षेत्र और मोक्ष प्राप्ति का स्थान मानते हैं। – इसलिए […]

Read more

क्यों होते है माला में 108 दाने – 108 का महत्व

108 का महत्व माला में

हिन्दू धर्म में 108 संख्या का धार्मिक महत्त्व अत्यधिक है , चाहे माला के दाने हो या किसी संत के नाम के साथ 108 , 1008 जैसी संख्या बहूत मायने रखती है | पर कभी आपने इसके पीछे के कारणों का धार्मिक और वैज्ञानिक मत समझा है | आइये आज इस पोस्ट से जानते है इसके पीछे के गूढ़ रहस्य […]

Read more

विष्णु लक्ष्मी की तपोस्थली – बद्रीनाथ धाम कथा

बद्रीनाथ धाम कथा

बद्रीनारायण धाम का महत्व और  विशेषता : बद्रीनाथ धाम को बद्रीनारायण बद्री विशाल आदि नामो से पहचाना जाता है | यह हिन्दुओ के मुख्यत चार  धामों में से एक है जो भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्प्रित है | विष्णु भगवान के परम धामों में से एक बद्रीनाथ तीर्थ के दर्शन करना हर धार्मिक व्यक्ति का स्वपन होता है […]

Read more
1 118 119 120 121 122 127