श्री बटुक भैरव आरती हिंदी

भैरव चालीसा

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैंरव देवा । जय काली और गौरा देवी कृत सेवा ।। तुम्हीं पाप उद्धारक दु:ख सिंधु तारक । भक्तों के सुख कारक भीषण वपु धारक ।। वाहन शवन विराजत कर त्रिशूल धारी । महिमा  अमित तुम्हारी जय जय भयकारी ।। तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होंवे । चौमुख दीपक दर्शन दु:ख सगरे खोंवे ।। […]

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भैरवजी के चमत्कारी 108 नाम

भैरव के 108 नाम

भैरव जी के चमत्कारी और कल्याणकारी 108 नाम जिनके नित्य जाप से आप हर तरह की सुख सुविधा की प्राप्ति कर सकते है | भैरव अष्टोत्तर-शत-नाम स्तोत्रम् ॐ भैरवाय नमः ॐ भूतनाथाय नमः ॐ भूतात्मने नमः ॐ भूतभावनाय नमः ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः ॐ क्षेत्रपालाय नमः ॐ क्षेत्रदाय नमः ॐ क्षत्रियाय नमः ॐ विराजे नमः ॐ श्मशानवासिने नमः ॐ मांसाशिने नमः […]

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क्यों और कैसे बने भैरव काशी के कोतवाल

काशी के कोतवाल भैरव

काशी के कोतवाल भैरव की कहानी काशी में मनुष्यों के कर्मो के लेख के आधार पर दण्ड और आशीष देना का कार्य काशी के कोतवाल भैरव की करते है | यहा ना तो शनि देव और ना ही यमराज का कार्य है | यह सब विश्वनाथ शिव के ही एक रूप भैरव नाथ का कार्य काज है | यह उन्हें […]

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भैरव के जन्म की कथा और ब्रह्मा का एक सिर काटना

काशी के कोतवाल भैरव की जन्म कथा

भैरव शिव के पांचवे रूद्र अवतार है | इनका अवतरण मार्गशीर्ष मास की कृष्णपक्ष अष्टमी को एक दिव्य ज्योतिर्लिंग से हुआ है | भैरव के अवतरण की कथा कथा के अनुसार एक बार साधुओ ने सभी त्रिदेव और देवताओं से पूछा की आपमें सबसे महान और सबसे श्रेष्ठ कौन है | देवताओं ने सभी वेदों से पूछा तो सभी ने […]

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बबूल पेड़ के प्रेम से थामी कृष्ण ने बाँसुरी

कृष्ण कथा बाँसुरी की

कृष्णा हर दिन एक बाग़ में जाया करते थे और उस बाग़ के सभी पुष्पों को प्यार किया करते थे | बदले में वे सभी पुष्प भी कृष्णा की तरफ अपना प्यार दर्शाया करते थे | उन सभी पुष्पों के चेहरों पर कृष्ण को देखकर एक मधुर मुस्कान आ जाया करती थी | उसी बाग़ में एक बबूल का पेड़ […]

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भगवान कृष्ण को बंसी शिवजी ने दी

कृष्ण कथा बाँसुरी की

भगवान श्री कृष्णा को बंसी किसने दी ? भगवान कृष्णा से जुडी बंसी के पीछे अलग अलग कथाये है जिनमे से के भगवान शिव से जुडी और अन्य बबूल के पेड़ से जुडी कथा मुख्य है | भगवान शिव ने दी कृष्णा को बंसी : जब कृष्ण ने द्वापर युग में जन्म लिया तब देवी देवता वेश बदल बदल कर […]

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क्यों पसंद है कृष्ण को मोरपंख

क्यों कृष्णा को है मोरपंख पसंद : श्यामसुन्दर मोर पंख क्यों लगाते है…? जब भी भगवान कृष्णा का नाम आता है हम्हारे सामने उनकी या तो बाल छवि या फिर युवा छवि छा जाती है | हर छवि में उनके सिर पर शोभा बढाता मोरपंख नजर आता है | कृष्णा को यह मोरपंख इतना पसंद है की इसे हमेशा अपने […]

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सनातन धर्म में 84 लाख योनियां

84 लाख योनियां | 84 Laakh Yoni ka Sach हिन्दू धर्म में धर्मग्रंथो की मान्यता के अनुसार जीवात्मा 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मनुष्य जन्म पाती है। 84 लाख योनियां निम्नानुसार मानी गई हैं। यह मनुष्य जीवन अनमोल है जिसमे भक्ति विवेक से मनुष्य इन योनियों के बंधन से छुटकारा पा कर मोक्ष प्राप्त कर सकता है | […]

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16 संस्कार सनातन हिन्दू धर्म

सनातन धर्म में संस्कार

हम्हारे हिन्दू धर्म में समाजहित के लिए 16 संस्कार बताये गये है | इनका पालन हम्हे करना चाहिए | इसने पीछे भौतिक , आध्यात्मिक , सांसारिक और शारीरिक शक्तियाँ विद्यमान होती है | 1. गर्भाधान संस्कार ( Garbhaadhan Sanskar) – गर्भ में पलने वाला शिशु योग्य , स्वस्थ और गुणशाली हो , इस अभिलाषा से किया जाने वाला संस्कार गर्भधारण […]

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मंदिरों में चरणामृत का महत्व

चरणामृत की महिमा

चरणामृत का क्या महत्व है? चरणामृत दो  शब्दो  चरण +अमृत से मिलकर बना है , इसका सीधा सा अर्थ है ईश्वर के चरणों को स्पर्श करने वाला जल जो अब उनके पैरो के स्पर्श से अमृत बन गया है | हम मंदिरों में यही चरणामृत प्राप्त करते है जो मंदिर में देवी देवताओ के चरणों को धुला कर भक्तो को […]

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