श्री भैरव चालीसा

भैरव चालीसा

जाने भैरव चालीसा के पाठ के बारे में जो भैरव के गुणों और महिमा का अति सुन्दरतम व्याख्या करता है  | यह चालीस पंक्तिया भैरवनाथजी की छवि महिमा और सिद्धियों को बताती है | ॥ दोहा ॥ श्री गणपति, गुरु गौरि पद, प्रेम सहित धरि माथ । चालीसा वन्दन करों, श्री शिव भैरवनाथ ॥ श्री भैरव संकट हरण, मंगल करण […]

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भैरव की भैरवीया

भैरव की भैरविया

भैरव के साथ भैरवी पूजन का भी विधान है | हर शक्तिपीठ पर माँ के हर रूप के साथ कोई ना कोई भैरव विद्यमान है | आप जितने भी शक्तिपीठो में जायेंगे आपको हर शक्ति (भैरवी ) के साथ भैरव भी उस पीठ में दिखाई देंगे | ये दोनों एक दुसरे के बिना अपूर्ण है | महाकाल के बिना महाकाली […]

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भैरव रक्षा कवच

भैरव रक्षा कवच

क्या महत्व है रक्षा कवच का : Bhairav Raksha Stroth नाम से ही ज्ञान होता है की ऐसा कवच जो आपकी रक्षा (protection )करेगा | भैरव का यह कवच अति शक्तिशाली ( Powerful ) है नकारात्मक ऊर्जा से बचाव से | किसी भी साधना को जब साधक द्वारा किया जाता है तो गलत और नकारात्मक शक्तियाँ (Negative Energy ) उसमे […]

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श्री बटुक भैरव आरती हिंदी

भैरव चालीसा

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैंरव देवा । जय काली और गौरा देवी कृत सेवा ।। तुम्हीं पाप उद्धारक दु:ख सिंधु तारक । भक्तों के सुख कारक भीषण वपु धारक ।। वाहन शवन विराजत कर त्रिशूल धारी । महिमा  अमित तुम्हारी जय जय भयकारी ।। तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होंवे । चौमुख दीपक दर्शन दु:ख सगरे खोंवे ।। […]

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भैरवजी के चमत्कारी 108 नाम

भैरव के 108 नाम

भैरव जी के चमत्कारी और कल्याणकारी 108 नाम जिनके नित्य जाप से आप हर तरह की सुख सुविधा की प्राप्ति कर सकते है | भैरव अष्टोत्तर-शत-नाम स्तोत्रम् ॐ भैरवाय नमः ॐ भूतनाथाय नमः ॐ भूतात्मने नमः ॐ भूतभावनाय नमः ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः ॐ क्षेत्रपालाय नमः ॐ क्षेत्रदाय नमः ॐ क्षत्रियाय नमः ॐ विराजे नमः ॐ श्मशानवासिने नमः ॐ मांसाशिने नमः […]

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क्यों और कैसे बने भैरव काशी के कोतवाल

काशी के कोतवाल भैरव

काशी के कोतवाल भैरव की कहानी काशी में मनुष्यों के कर्मो के लेख के आधार पर दण्ड और आशीष देना का कार्य काशी के कोतवाल भैरव की करते है | यहा ना तो शनि देव और ना ही यमराज का कार्य है | यह सब विश्वनाथ शिव के ही एक रूप भैरव नाथ का कार्य काज है | यह उन्हें […]

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भैरव के जन्म की कथा और ब्रह्मा का एक सिर काटना

काशी के कोतवाल भैरव की जन्म कथा

भैरव शिव के पांचवे रूद्र अवतार है | इनका अवतरण मार्गशीर्ष मास की कृष्णपक्ष अष्टमी को एक दिव्य ज्योतिर्लिंग से हुआ है | भैरव के अवतरण की कथा कथा के अनुसार एक बार साधुओ ने सभी त्रिदेव और देवताओं से पूछा की आपमें सबसे महान और सबसे श्रेष्ठ कौन है | देवताओं ने सभी वेदों से पूछा तो सभी ने […]

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बबूल पेड़ के प्रेम से थामी कृष्ण ने बाँसुरी

कृष्ण कथा बाँसुरी की

कृष्णा हर दिन एक बाग़ में जाया करते थे और उस बाग़ के सभी पुष्पों को प्यार किया करते थे | बदले में वे सभी पुष्प भी कृष्णा की तरफ अपना प्यार दर्शाया करते थे | उन सभी पुष्पों के चेहरों पर कृष्ण को देखकर एक मधुर मुस्कान आ जाया करती थी | उसी बाग़ में एक बबूल का पेड़ […]

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भगवान कृष्ण को बंसी शिवजी ने दी

कृष्ण कथा बाँसुरी की

भगवान श्री कृष्णा को बंसी किसने दी ? भगवान कृष्णा से जुडी बंसी के पीछे अलग अलग कथाये है जिनमे से के भगवान शिव से जुडी और अन्य बबूल के पेड़ से जुडी कथा मुख्य है | भगवान शिव ने दी कृष्णा को बंसी : जब कृष्ण ने द्वापर युग में जन्म लिया तब देवी देवता वेश बदल बदल कर […]

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क्यों पसंद है कृष्ण को मोरपंख

क्यों कृष्णा को है मोरपंख पसंद : श्यामसुन्दर मोर पंख क्यों लगाते है…? जब भी भगवान कृष्णा का नाम आता है हम्हारे सामने उनकी या तो बाल छवि या फिर युवा छवि छा जाती है | हर छवि में उनके सिर पर शोभा बढाता मोरपंख नजर आता है | कृष्णा को यह मोरपंख इतना पसंद है की इसे हमेशा अपने […]

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