कैसे करे भैरव जयंती पर पूजा पाठ

भैरव की पूजा विधि – कालाष्टमी विशेष Worship Method of Kaal Bhairava On Bhairav Jayanti 2018 मार्गशीर्ष मास की कृष्णपक्ष अष्टमी  (आठे) (  नवंबर / दिसम्बर  ) को भगवान शिव ने अपने त्रिनेत्र से इन्हे ब्रह्मा  का झूठा अहंकार खत्म  करने के लिए अवतरित किया था | इस साल 2018 में भैरव जयंती 29 November गुरूवार को आ रही है […]

Read more

श्री भैरव चालीसा

भैरव चालीसा

जाने भैरव चालीसा के पाठ के बारे में जो भैरव के गुणों और महिमा का अति सुन्दरतम व्याख्या करता है  | यह चालीस पंक्तिया भैरवनाथजी की छवि महिमा और सिद्धियों को बताती है | ॥ दोहा ॥ श्री गणपति, गुरु गौरि पद, प्रेम सहित धरि माथ । चालीसा वन्दन करों, श्री शिव भैरवनाथ ॥ श्री भैरव संकट हरण, मंगल करण […]

Read more

भैरव की भैरवीया

भैरव की भैरविया

भैरव के साथ भैरवी पूजन का भी विधान है | हर शक्तिपीठ पर माँ के हर रूप के साथ कोई ना कोई भैरव विद्यमान है | आप जितने भी शक्तिपीठो में जायेंगे आपको हर शक्ति (भैरवी ) के साथ भैरव भी उस पीठ में दिखाई देंगे | ये दोनों एक दुसरे के बिना अपूर्ण है | महाकाल के बिना महाकाली […]

Read more

भैरव रक्षा कवच

भैरव रक्षा कवच

क्या महत्व है रक्षा कवच का : Bhairav Raksha Stroth नाम से ही ज्ञान होता है की ऐसा कवच जो आपकी रक्षा (protection )करेगा | भैरव का यह कवच अति शक्तिशाली ( Powerful ) है नकारात्मक ऊर्जा से बचाव से | किसी भी साधना को जब साधक द्वारा किया जाता है तो गलत और नकारात्मक शक्तियाँ (Negative Energy ) उसमे […]

Read more

श्री बटुक भैरव आरती हिंदी

भैरव चालीसा

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैंरव देवा । जय काली और गौरा देवी कृत सेवा ।। तुम्हीं पाप उद्धारक दु:ख सिंधु तारक । भक्तों के सुख कारक भीषण वपु धारक ।। वाहन शवन विराजत कर त्रिशूल धारी । महिमा  अमित तुम्हारी जय जय भयकारी ।। तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होंवे । चौमुख दीपक दर्शन दु:ख सगरे खोंवे ।। […]

Read more

भैरवजी के चमत्कारी 108 नाम

भैरव के 108 नाम

भैरव जी के चमत्कारी और कल्याणकारी 108 नाम जिनके नित्य जाप से आप हर तरह की सुख सुविधा की प्राप्ति कर सकते है | भैरव अष्टोत्तर-शत-नाम स्तोत्रम् ॐ भैरवाय नमः ॐ भूतनाथाय नमः ॐ भूतात्मने नमः ॐ भूतभावनाय नमः ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः ॐ क्षेत्रपालाय नमः ॐ क्षेत्रदाय नमः ॐ क्षत्रियाय नमः ॐ विराजे नमः ॐ श्मशानवासिने नमः ॐ मांसाशिने नमः […]

Read more

क्यों और कैसे बने भैरव काशी के कोतवाल

काशी के कोतवाल भैरव

काशी के कोतवाल भैरव की कहानी काशी में मनुष्यों के कर्मो के लेख के आधार पर दण्ड और आशीष देना का कार्य काशी के कोतवाल भैरव की करते है | यहा ना तो शनि देव और ना ही यमराज का कार्य है | यह सब विश्वनाथ शिव के ही एक रूप भैरव नाथ का कार्य काज है | यह उन्हें […]

Read more

भैरव के जन्म की कथा और ब्रह्मा का एक सिर काटना

काशी के कोतवाल भैरव की जन्म कथा

भैरव शिव के पांचवे रूद्र अवतार है | इनका अवतरण मार्गशीर्ष मास की कृष्णपक्ष अष्टमी को एक दिव्य ज्योतिर्लिंग से हुआ है | भैरव के अवतरण की कथा कथा के अनुसार एक बार साधुओ ने सभी त्रिदेव और देवताओं से पूछा की आपमें सबसे महान और सबसे श्रेष्ठ कौन है | देवताओं ने सभी वेदों से पूछा तो सभी ने […]

Read more

बबूल पेड़ के प्रेम से थामी कृष्ण ने बाँसुरी

कृष्ण कथा बाँसुरी की

कृष्णा हर दिन एक बाग़ में जाया करते थे और उस बाग़ के सभी पुष्पों को प्यार किया करते थे | बदले में वे सभी पुष्प भी कृष्णा की तरफ अपना प्यार दर्शाया करते थे | उन सभी पुष्पों के चेहरों पर कृष्ण को देखकर एक मधुर मुस्कान आ जाया करती थी | उसी बाग़ में एक बबूल का पेड़ […]

Read more

भगवान कृष्ण को बंसी शिवजी ने दी

कृष्ण कथा बाँसुरी की

भगवान श्री कृष्णा को बंसी किसने दी ? भगवान कृष्णा से जुडी बंसी के पीछे अलग अलग कथाये है जिनमे से के भगवान शिव से जुडी और अन्य बबूल के पेड़ से जुडी कथा मुख्य है | भगवान शिव ने दी कृष्णा को बंसी : जब कृष्ण ने द्वापर युग में जन्म लिया तब देवी देवता वेश बदल बदल कर […]

Read more
1 106 107 108 109 110 116