रावण की पुत्री सीता के पीछे का सच्च

रावण सीता की पुत्री

रामायण के ऊपर दुनियाभर के विद्वान अध्ययन कर रहे है | बहुत सारी रामायणे ( लगभग 100 से ऊपर ) भी लिखी गयी है जिसमे महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण मुख्य है | अदभुत  रामायण में रावण और सीता का संबंध पिता पुत्री का बताया गया है | हालाकि वाल्मीकि रामायण इस बात के ऊपर कोई सच्चाई नही डालता | […]

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बिहार में गया तीर्थ की महिमा

गया तीर्थ का धर्म में महत्व

बिहार की राजधानी पटना से करीब 104 किलोमीटर की दूरी पर बसा है गया जिला। धार्मिक दृष्टि से गया न सिर्फ हिन्दूओं के लिए बल्कि बौद्ध धर्म मानने वालों के लिए भी आदरणीय है। बौद्ध धर्म के अनुयायी इसे महात्मा बुद्ध का ज्ञान क्षेत्र मानते हैं जबकि हिन्दू गया को मुक्तिक्षेत्र और मोक्ष प्राप्ति का स्थान मानते हैं। – इसलिए […]

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क्यों होते है माला में 108 दाने – 108 का महत्व

108 का महत्व माला में

हिन्दू धर्म में 108 संख्या का धार्मिक महत्त्व अत्यधिक है , चाहे माला के दाने हो या किसी संत के नाम के साथ 108 , 1008 जैसी संख्या बहूत मायने रखती है | पर कभी आपने इसके पीछे के कारणों का धार्मिक और वैज्ञानिक मत समझा है | आइये आज इस पोस्ट से जानते है इसके पीछे के गूढ़ रहस्य […]

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विष्णु लक्ष्मी की तपोस्थली – बद्रीनाथ धाम कथा

बद्रीनाथ धाम कथा

बद्रीनारायण धाम का महत्व और  विशेषता : बद्रीनाथ धाम को बद्रीनारायण बद्री विशाल आदि नामो से पहचाना जाता है | यह हिन्दुओ के मुख्यत चार  धामों में से एक है जो भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्प्रित है | विष्णु भगवान के परम धामों में से एक बद्रीनाथ तीर्थ के दर्शन करना हर धार्मिक व्यक्ति का स्वपन होता है […]

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बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती की पूजन विधि

बसंत पंचमी का महत्व और सरस्वती पूजा विधि : Basant Panchami Importance In Hindu Religion यह त्यौहार ज्ञान संगीत की देवी माँ सरस्वती की याद में मनाया जाता है | हिन्दू धर्म में माँ सरस्वती को ज्ञान की गंगा , संगीत और कला की देवी का परम स्थान प्राप्त है | इसी दिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी […]

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कथा – शिव ने क्यों किया कामदेव को भस्म

कामदेव का शिव द्वारा भस्म होना

कामदेव को काम वासना प्रेम का देवता माना गया है | इस जगत में काम इच्छा के यही जनक है | पर एक बार ऐसा क्या हुआ की खुद कामदेव को भगवान रूद्र ने भस्म कर दिया | दक्ष प्रजापति के हवन में माँ सती अपने और अपने पतिदेव शिव का जब अपमान ना सह सकी तो उन्होंने उसी पवित्र […]

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पूजन के सन्दर्भ में काम आने वाले मुख्य शब्द अर्थ सहित

पूजन में काम आने वाले शब्द

पूजन एवं साधना के सन्दर्भ में प्रयुक्त होने वाले कुछ शब्दों का अर्थ आप सभी के ज्ञानवर्धन के लिए 1. पंचोपचार – गन्ध , पुष्प , धूप , दीप तथा नैवैध्य द्वारा पूजन करने को ‘पंचोपचार’ कहते हैं। जाने पंचोपचार पूजन विधि 2. पंचामृत – दूध , दही , घृत , शहद तथा शक्कर इनके मिश्रण को ‘पंचामृत’ कहते हैं। […]

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पूजा में अक्षत (चावल ) का प्रयोग

पूजन में चावल को काम में लेना

हम भली तरह जानते है की हिन्दुत्व में जब भी पूजा का कोई कार्यक्रम या हवन होता है तो पूजन थाल में श्वेत चावल जरुर प्रयोग में लाये जाते है | इन चावलों का पूजा में होना अनिवार्य माना जाता है | बिना इनके पूजा संपन्न नही मानी जाती है | चावल को अक्षत कहा जाता है जिसका अर्थ है […]

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शनि जयंती का महत्व और पूजा विधि

शनि जयंती

शनि देव के जन्मोत्सव की महिमा और पूजा विधि Shani Jayanti Pooja Vidhi Or Mahatv सूर्य पुत्र शनि देव का जन्मोत्सव ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को बड़ी धूम धाम से शनि मंदिरों में मनाया जाता है | शनि नवग्रह में से एक है और इनके चारो तरफ एक रिन्गनुमा आकृति है | इनके प्रसन्न रहने पर व्यक्ति […]

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शनिवार के दिन शनिदेव पूजा और व्रत

शनिवार शनिदेव पूजा

आप किसी भी शनिवार से यह शनि व्रत शुरू कर सकते है , आपका यह दिन शनि सेवा आराधना में जाना चाहिए | इस दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व उठ कर नित्य कर्म करके स्नान कर लेना चाहिए | उसके बाद शनिदेव के मंदिर में जाकर विधि पूर्वक पूजन करना चाहिए |शनिवार के दिन शनि भक्तो की बहूत भारी संख्या […]

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