भैरव के जन्म की कथा और ब्रह्मा का एक सिर काटना

काशी के कोतवाल भैरव की जन्म कथा

भैरव शिव के पांचवे रूद्र अवतार है | इनका अवतरण मार्गशीर्ष मास की कृष्णपक्ष अष्टमी को एक दिव्य ज्योतिर्लिंग से हुआ है | भैरव के अवतरण की कथा कथा के अनुसार एक बार साधुओ ने सभी त्रिदेव और देवताओं से पूछा की आपमें सबसे महान और सबसे श्रेष्ठ कौन है | देवताओं ने सभी वेदों से पूछा तो सभी ने […]

Read more

बबूल पेड़ के प्रेम से थामी कृष्ण ने बाँसुरी

कृष्ण कथा बाँसुरी की

कृष्णा हर दिन एक बाग़ में जाया करते थे और उस बाग़ के सभी पुष्पों को प्यार किया करते थे | बदले में वे सभी पुष्प भी कृष्णा की तरफ अपना प्यार दर्शाया करते थे | उन सभी पुष्पों के चेहरों पर कृष्ण को देखकर एक मधुर मुस्कान आ जाया करती थी | उसी बाग़ में एक बबूल का पेड़ […]

Read more

भगवान कृष्ण को बंसी शिवजी ने दी

कृष्ण कथा बाँसुरी की

भगवान श्री कृष्णा को बंसी किसने दी ? भगवान कृष्णा से जुडी बंसी के पीछे अलग अलग कथाये है जिनमे से के भगवान शिव से जुडी और अन्य बबूल के पेड़ से जुडी कथा मुख्य है | भगवान शिव ने दी कृष्णा को बंसी : जब कृष्ण ने द्वापर युग में जन्म लिया तब देवी देवता वेश बदल बदल कर […]

Read more

क्यों पसंद है कृष्ण को मोरपंख

क्यों कृष्णा को है मोरपंख पसंद : श्यामसुन्दर मोर पंख क्यों लगाते है…? जब भी भगवान कृष्णा का नाम आता है हम्हारे सामने उनकी या तो बाल छवि या फिर युवा छवि छा जाती है | हर छवि में उनके सिर पर शोभा बढाता मोरपंख नजर आता है | कृष्णा को यह मोरपंख इतना पसंद है की इसे हमेशा अपने […]

Read more

सनातन धर्म में 84 लाख योनियां

84 लाख योनियां | 84 Laakh Yoni ka Sach हिन्दू धर्म में धर्मग्रंथो की मान्यता के अनुसार जीवात्मा 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मनुष्य जन्म पाती है। 84 लाख योनियां निम्नानुसार मानी गई हैं। यह मनुष्य जीवन अनमोल है जिसमे भक्ति विवेक से मनुष्य इन योनियों के बंधन से छुटकारा पा कर मोक्ष प्राप्त कर सकता है | […]

Read more

16 संस्कार सनातन हिन्दू धर्म

सनातन धर्म में संस्कार

हम्हारे हिन्दू धर्म में समाजहित के लिए 16 संस्कार बताये गये है | इनका पालन हम्हे करना चाहिए | इसने पीछे भौतिक , आध्यात्मिक , सांसारिक और शारीरिक शक्तियाँ विद्यमान होती है | 1. गर्भाधान संस्कार ( Garbhaadhan Sanskar) – गर्भ में पलने वाला शिशु योग्य , स्वस्थ और गुणशाली हो , इस अभिलाषा से किया जाने वाला संस्कार गर्भधारण […]

Read more

मंदिरों में चरणामृत का महत्व

चरणामृत की महिमा

चरणामृत का क्या महत्व है? चरणामृत दो  शब्दो  चरण +अमृत से मिलकर बना है , इसका सीधा सा अर्थ है ईश्वर के चरणों को स्पर्श करने वाला जल जो अब उनके पैरो के स्पर्श से अमृत बन गया है | हम मंदिरों में यही चरणामृत प्राप्त करते है जो मंदिर में देवी देवताओ के चरणों को धुला कर भक्तो को […]

Read more

सबसे बड़ी पतिव्रता अनुसूईया

त्रिदेव बह्रमा विष्णु महेश ने पिया दूध

यह एक पौराणिक प्रसंग है जो सती अनुसूईया के चरित्र की महिमा का गुणगान करता है | सती अनुसूईया अपने पतिधर्म और पतिव्रता के लिए जानी जाती थी | तीनो लोको में उनके इस धर्म की कीर्ति का बख्यान होता था | देव ऋषि नारद जी को तो आप जानते है , अपने स्वभाव वस उन्होंने  अनुसूईया की यह महिमा […]

Read more

भगवान विष्णु का कल्कि अवतार कलियुग में

कलियुग में कल्कि अवतार विष्णु

कलियुग और कल्कि अवतार ब्रह्मवैवर्त पुराण में बताया गया है की कलियुग में एक समय ऐसा आएगा जब मनुष्य कु उम्र औसत 40 वर्ष ही रह जाएगी | 16 वर्ष की उम्र में आते आते बाल सफ़ेद हो जायेंगे | तब भगवान विष्णु का फिर एक अवतार कल्कि अवतार होगा | यह तो हम भी देख रहे है की जैसे […]

Read more

गणेश लक्ष्मी की पूजा एक साथ क्यों

गणेश लक्ष्मी पूजा एक साथ क्यों

क्यों गणेश लक्ष्मी की पूजा एक साथ की जाती है ? आपने दिवाली पर लक्ष्मी जी के साथ गणेश का पूजन किया होगा | पर आपने कभी सोचा है की विष्णु जी की जगह पर गणेश जी का लक्ष्मी के साथ पूजा क्यों की जाती है ? जब मंदिरों में राधे कृष्णा , शिव पार्वती , सीता राम की साथ […]

Read more
1 101 102 103 104 105 110