रंगनाथ स्वामी मंदिर

रंगनाथ स्वामी मंदिर

रंगनाथ स्वामी मंदिर  जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्प्रित मंदिर है | यह मंदिर तमिलनाडु के श्रीरंगम स्थान पर है जिसे तिरुवरंगम व तिरुचिरापल्ली भी कहा जाता है  |  यह मंदिर वैष्णव हिन्दुओ के लिए धरती पर   वैकुंठ के समान है |

विष्णु भगवान इस मंदिर में रंगनाथ स्वामी जी के नाम से अपने भक्तो में विख्यात है | यह मंदिर भारत के बड़े मंदिर परिसरो में से एक है |  देश विदेश से भारी संख्या में भक्त इस मंदिर में दर्शन करने आते है | यह मंदिर यहा की मुख्य नदी कावेरी के तट पर बना हुआ है |

कैसे बने विष्णु यहा रंगनाथ स्वामी और मंदिर के बनने से जुडी  कथा :

धर्म ग्रंथो के अनुसार गौतम ऋषि ने नासिक में गोदावरी नदी को देव लोक से बुलाया था जिसके तट पर त्र्यम्केश्वर मंदिर बना हुआ है | इसी गोदावरी नदी के तट पर गौतम ऋषि का आश्रम था | गौतम ऋषि की बढती कीर्ति से उनके साथ के ही कई ऋषि उनसे इर्षा रखते थे | येन केन प्रकारेण उन्होंने ऋषि गौतम पर गौ हत्या का आरोप लगाकर उन्हें आश्रम से निकला दिया |

आश्रम से निकलने के बाद गौतम ऋषि इस जगह श्रीरंगम में आकर भगवान विष्णु की तपस्या करने लगे | भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर रंगनाथ स्वामी के रूप में दर्शन दिए | धीरे धीरे यहा भव्य मंदिर का निर्माण हुआ |

श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर में विशेष पर्व :

मार्गशीर्ष में आने वाली वैकुण्ठ एकादशी पर भक्तो की अपार भीड़ अपने आराध्य देव के दर्शन करने उमड़ पड़ती है |हर महीने आने वाली शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन रंग जयंती धूम धाम से मनाई जाती है | यह आठ दिन तक उत्सव मनाया जाता है |  कृष्ण दशमी के दिन कावेरी में स्नान करने से को अष्ट-तीर्थ के समान फल प्राप्त होता है | ऐसी यहा की मान्यता है |

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