शिवजी के अंगूठे की पूजा

दुनिया का एकमात्र  मंदिर जहा होती है शिवजी के अंगूठे की पूजा

भारत विविधाताओ वाला देश है | यहा आस्था और भक्ति में भी विविधता देखी  जाती है | जहा देश भर में शिवजी को शिवलिंग के रूप में पूजा जाता है वही माउंट आबू में एक मंदिर में इनकी पूजा इनके अंगूठे की रूप में की जाती है | यह शिवजी के पैर का अंगूठा है जिसने  इस जगह को चल से अचल कर रखा है | इसी कारण इस मंदिर का नाम अचलगढ़ महादेव है | सावन में यहा के दर्शन का अलग ही धार्मिक महत्व है |



शिवजी के वैसे तो बहुत सारे  अनोखे मंदिर है कही शिवलिंग में लाखो छिद्र है तो कही शिवलिंग दिन में 3 बार रंग बदलता है , कही एक नाग सालो से शिवजी की पूजा करता है | और एक शिवलिंग जिसका आकार हर दिन बढ़ रहा है |

अचलगढ़ महादेव मंदिर का रूप :

यह प्राचीन स्थापत्य कला से परिपूर्ण ऐतिहासिक मंदिर है जिसका विवरण पुराणों में भी मिलता है | बताते है यह शिवजी के दांये पाँव का अंगूठा है | इस मंदिर का निर्माण 15वी शताब्दी के आस पास हुआ जब मेवाड़ के राजा राणा कुंभ ने अचलगढ़ का  किला बनवाया | मंदिर के बायीं तरफ एक धर्मकांटा बना हुआ है जिसके निचे लोगो का न्याय होता था |  मुख्य मंदिर के बाहर भगवान विष्णु के सभी अवतारों की मुर्तिया बनी हुई है | पूरा मंदिर भारतीय  स्थापत्य कला की शानदार पेशकश है |

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