शनि की साढ़े साती या ढैय्या सताये तो करें यह उपाय

शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या को दूर करने के उपाय पढ़कर आप शनि ग्रह के दोष को कम कर सकते है | इन सभी अचूक उपायों को पूर्ण श्रद्धा से पढ़े और अशुभ प्रभाव को दूर करे | यह नवग्रहों के राजा शनि की महादशा का ही रूप है | इसमे जातक को कई दुःख उठाने पड़ते है |


शनि की साढ़े साती

shani ki saadhe saati

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शनि की साढ़े साती

नवग्रह में एक ग्रह है शनि | यदि इसकी दशा किसी की कुण्डली में साढ़े सात वर्ष चले तो इसे शनि की साढ़े साती कहते है | शनिदेव अपंग है इसी कारण इनकी गति बहुत धीमी है | आइये अब जानते है की कब लगती है शनि की साढ़े साती | ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब किसी व्यक्ति की कुंडली में जन्मराशि से बारहवें घर में आ जाता है तो साढ़ेसाती शुरू हो जाती है। यह प्रभाव व्यक्ति की कुंडली में तब तक रहता है जब तक शनि बारहवें घर के बाद पहले तथा दूसरे को पार कर तीसरे घर में नहीं आ जाये | इस दशा में सात से ज्यादा वर्ष लग जाते है |

किस राशि में प्रवेश करेंगे शनि 2017 में

26 जनवरी 2017 को सायं 21:34 बजे वृश्चिक राशि से निकल कर धनु राशि में प्रवेश करेंगे | इससे वृश्चिक राशि वालो को फायदा और धनू राशि को कष्ट उठाने पड़ सकते है |

शनि की ढैय्या

यह चन्द्र राशि पर आधारित है। इसी प्रकार जन्मकुंडली में लग्न की राशि से गिनती करने पर यदि शनि चौथे या आठवें स्थान पर से गुजरे तो वह शनि की ढैय्या कहलाती है। इसकी अवधि ढाई वर्ष की होती है।

शनि की साढ़े साती और ढैय्या के परिणाम

आप कितनी भी मेहनत कर ले आप सफल नही हो पाते है | आपको मानसिक और शारीरिक पीड़ा सहन करनी पड़ती है | आप अपमान गृह कलेश से दुखी होने लगते है | धन हानि और लोगो से शत्रुता बढ़ती है |

साढ़े साती और ढैय्या के उपाय

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