सबसे अमीर हो कर भी गरीब है तिरुपति बालाजी

सबसे अमीर मंदिर के देवता क्यों है गरीब – तिरुपति बालाजी

Tirupati Balaji Temple Ke Bhagwaan Kyo Hai Garib

तिरुपति बालाजी मंदिर की महिमा कौन नही जानता है | अगर धन के आधार पर देखा जाए भारत के सबसे अमीर मंदिरों में सबसे पहले नाम तिरुपति बालाजी का ही आती है |  एक आंकड़े के अनुसार बालाजी मंद‌िर ट्रस्ट के खजाने में 50 हजार करोड़ से अध‌िक की संपत्त‌ि है | पर फिर भी सभी 33 कोटि देवी देवताओ में सबसे कर्जदार तिरुपति बालाजी ही है | अब यह बात आपके गले नही उतर रही हो तो चलिए जानते है इसके पीछे का सच्च शास्त्रों से ……..


tirupati balaji garib kyoपढ़े :क्यों तिरुपति बालाजी में होता है बालो का दान

शास्त्रों में बताया गया है की त‌िरुपत‌ि बालाजी चार युगों में सबसे अंतिम युग कलियुग के अंत तक अपने कर्ज में डूबे हुए रहेंगे | यही कारण है की उनके कर्ज से मुक्ति दिलवाने के लिए उनके भक्त दिल खोल कर रूपए , बहुमूल्य धातुओ और हीरे जवाहरात का दान करते है |

तिरुपति बालाजी के कर्ज में डूबने की शास्त्र सम्मत कथा

शास्त्रों में आई कथा के अनुसार एक बार महर्ष‌ि भृगु भगवान विष्णु की परीक्षा लेने उनके धाम आये | उस समय श्री नारायण योगन‌िद्रा में लेटे हुए थे | महर्ष‌ि भृगु ने विष्णु जी की छाती पर अपने पैर से वार किया | जैसे ही भगवान व‌िष्‍णु की निद्रा टूटी , उन्होंने ऋष‌ि के  पैर पकड़ लिए और पूछने लगे की उनके पैरो में चोट तो नही लगी |

विष्णु भगवान की ऐसी उदारता देखकर भृगु ऋष‌ि ने उन्हें प्रणाम किया और बताया की वे ही सबसे सहनशील देवता है और इसी कारण यज्ञ भाग के सबसे बड़े अधिकारी है |


लक्ष्मी जी का रुष्ट हो जाना

यह प्रसंग माँ लक्ष्मी जी ने देख लिया था पर विष्णु जी  ऋषि के ऊपर इस उदारता भरे व्यवहार को देखकर वे नाराज हो गयी | वे बैकुंठधाम को छोड़कर पृथ्वी पर आ गयी |

पद्मावती के रूप में लिया जन्म

धरती पर उन्होंने पद्मावती नाम की कन्या के रूप में जन्म लिया | भगवान विष्णु ने वेंकटेश रुप धारण किया और उन्हें  खोजते खोजते उन्ही के नगर में आ गये | अपने बदले हुए रूप के साथ उन्होंने पद्मावती से विवाह करने का प्रस्ताव रखा | पद्मावती विष्णु जी की इस लीला को झांप गयी थी और उन्होंने इस विवाह के लिए अपनी सहमती दे दी |

पढ़े : भगवान विष्णु का कल्कि अवतार कलियुग में

विवाह के लिए लिया कुबेर से कर्ज

भगवान श‌िव और ब्रह्मा जी को साक्षी रखकर धन के देवता कुबेर से काफी धन कर्ज ल‌िया।  उन्होंने कुबेर से कलियुग के अंत तक सभी कर्ज चुकाने की जुबान दी | तब तक वे सूद चुकाते रहेंगे |  इस लिए गये भारी कर्ज से भगवान व‌िष्‍णु के रूप में वेंकटेश और देवी लक्ष्मी के अंश पद्मवती ने व‌िवाह क‌िया।

क्यों आता है इतना चढ़ावा

tirupati donationमंदिर में इतनी ज्यादा मात्रा में चढ़ावे आने का मुख्य कारण भगवान विष्णु के वेंकटेश को कर्ज से मुक्ति करवाना है | भक्तो की अपार श्रद्धा है की वे अपने आराध्य को कुबेर देवता के कर्ज से मुक्त करवाए |

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